लेबनान में इसराइल के हवाई हमलों ने एक बार फिर तबाही मचा दी है जिसमें कई बेगुनाह लोग मारे गए हैं। इस तनाव के बीच अब ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते ‘Strait of Hormuz’ को बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई रुकने और महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
लेबनान में भारी तबाही
शुक्रवार और शनिवार को लेबनान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में इसराइल ने ड्रोन और हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार को ही कम से कम 47 लोग मारे गए और 97 घायल हुए, जिनमें सात महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल थे। शनिवार को भी हमले जारी रहे जिसमें कई और लोगों की जान गई। दूसरी तरफ इसराइल की सेना ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान उनके चार सैनिक मारे गए हैं।
सीजफायर के बीच तनाव
ये हमले उस वक्त हुए जब अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते (MoU) के बाद लेबनान और इसराइल के बीच युद्धविराम लागू हुआ था। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि Hezbollah ने पहले ceasefire तोड़ा है, इसलिए उन्होंने सेना को जोरदार जवाब देने का आदेश दिया। वहीं Hezbollah के नेता Naim Qassem ने कहा कि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए हथियार उठाएंगे और इसराइल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।
ईरान ने दी बड़ी चेतावनी
तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान की IRGC Navy ने Strait of Hormuz को बंद करने की घोषणा की। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने समझौते की शर्तों को नहीं माना और इसराइल अब भी लेबनान की जमीन पर कब्जा जमाए हुए है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा अब खतरे में है और यह कदम अमेरिका और इसराइल की हरकतों का जवाब है।
अमेरिका का जवाब और शर्तें
अमेरिका की Central Command (CENTCOM) ने ईरान के दावे को गलत बताया है। उनका कहना है कि 20 जून को इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही बढ़ी है और रास्ता खुला है। ईरान ने इस रास्ते को दोबारा खोलने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें अपनी 12 अरब डॉलर की संपत्ति वापस लेना और तेल प्रतिबंध हटाना शामिल है। फिलहाल अमेरिका और ईरान की बातचीत स्विट्जरलैंड में होनी तय हुई है जिसमें पाकिस्तान और कतर बीच-बचाव कर रहे हैं।
लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun और वहां की सेना ने इसराइल के इन हमलों को खतरनाक बताया है। उनका कहना है कि इसराइल जानबूझकर इलाके में शांति आने के रास्ते में रुकावट डाल रहा है। वहीं UN ने सभी पक्षों से युद्धविराम का सम्मान करने और लड़ाई रोकने की अपील की है।
