इसराइल ने लेबनान पर किया भीषण हमला, सैंकड़ों लोगों की मौत के बाद यूएन चीफ ने जताई कड़ी आपत्ति, बोले शांति समझौता अब खतरे में है
लेबनान में बुधवार को इसराइल ने बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं जिससे वहां भारी तबाही हुई है. इन हमलों में बच्चों समेत सैंकड़ों लोग मारे गए हैं और हज़ारों लोग घायल हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि ये हमले हाल ही में हुए शांति समझौतों को बर्बाद कर सकते हैं. लेबनान के रिहायशी इलाकों में हुई इस बमबारी से वहां के अस्पतालों में घायलों की भीड़ लग गई है और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है.
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लेबनान में हुए हमलों और हताहतों का मुख्य विवरण
बुधवार 8 अप्रैल 2026 को इसराइल ने लेबनान पर अब तक के सबसे शक्तिशाली हमले किए हैं जिसे ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस का नाम दिया गया है. इन हमलों का असर बेरूत के भीड़भाड़ वाले इलाकों में सबसे ज़्यादा देखा गया है. हमलों से जुड़े मुख्य आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
| विवरण | जानकारी और आंकड़े |
|---|---|
| कुल मौतें | 182 से 254 नागरिक |
| घायलों की संख्या | 890 से 1,100 से अधिक |
| हमले का समय | बुधवार, 8 अप्रैल 2026 |
| विस्थापित लोग | 12 लाख से ज़्यादा |
| मुख्य प्रभावित इलाका | मध्य बेरूत और घनी आबादी वाले क्षेत्र |
यूएन चीफ की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय रुख
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है क्योंकि इससे अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम को खतरा पैदा हो गया है. इस खबर से जुड़े कुछ अन्य मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साथ हुआ समझौता लेबनान में हिज़्बुल्लाह के साथ चल रही जंग पर लागू नहीं होता है.
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि लेबनान को इस समझौते में शामिल नहीं किया गया था.
- ईरान ने हमलों के जवाब में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कमी का संकट बढ़ सकता है.
- लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब है और मदद की तुरंत ज़रूरत है.
- यूएन मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इसे भयानक नरसंहार बताया है.





