Israel-Lebanon Talks: डोनाल्ड ट्रंप का दावा, दशकों बाद बात करेंगे इसराइल और लेबनान के नेता, ceasefire की उम्मीद
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ी खबर साझा की है। उन्होंने बताया कि इसराइल और लेबनान के बड़े नेता गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को आपस में बात करेंगे। करीब 34 साल बाद दोनों देशों के बीच ऐसी सीधी बातचीत होने जा रही है, जिससे दुनिया की नजरें अब शांति की उम्मीद पर टिकी हैं।
क्या है इस बातचीत का पूरा मामला?
Donald Trump ने Truth Social पर बताया कि इसराइल और लेबनान के बीच दशकों बाद सीधी बातचीत होगी। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने इसके लिए पहले ही तैयारी की थी। मंगलवार को वाशिंगटन में दोनों देशों के राजदूतों की मुलाकात हुई थी, जहां बातचीत का समय और जगह तय करने पर सहमति बनी थी।
दोनों देशों का इस पर क्या कहना है?
इसराइल की मंत्री Galia Gamliel ने कन्फर्म किया कि प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun से बात करेंगे। इसराइल चाहता है कि Hezbollah के हथियारों को खत्म किया जाए और स्थायी शांति हो। वहीं लेबनान के राष्ट्रपति Aoun ने कहा कि किसी भी बातचीत से पहले ceasefire होना जरूरी है। लेबनान का राष्ट्रपति कार्यालय शुरू में इस जानकारी से अनजान था।
| नाम/संस्था | भूमिका और स्थिति |
|---|---|
| Donald Trump | बातचीत का ऐलान किया |
| Benjamin Netanyahu | इसराइल पीएम, बातचीत में शामिल होंगे |
| Joseph Aoun | लेबनान राष्ट्रपति, ceasefire की मांग की |
| Marco Rubio | अमेरिकी विदेश मंत्री, मध्यस्थता की |
| Hezbollah | इसराइल चाहता है इनका निशस्त्रीकरण |
| पाकिस्तान | ईरान-यूएस ceasefire में मध्यस्थ |
क्या वाकई युद्ध रुकेगा?
फिलहाल हालात तनावपूर्ण हैं और दोनों तरफ से हमले जारी हैं। Beirut और दक्षिणी लेबनान में इसराइल के airstrikes हो रहे हैं। पाकिस्तान भी इस मामले में कोशिश कर रहा है और ईरान के साथ ceasefire की बात कर रहा है। हालांकि, इसराइल का मानना है कि ईरान के साथ हुआ समझौता लेबनान और Hezbollah पर लागू नहीं होता।