वॉशिंगटन में इसराइल और लेबनान के बीच शांति के लिए एक बहुत बड़ी बैठक शुरू हुई है। अमेरिका की मदद से दोनों देश अब मेज पर बैठकर बात करेंगे। यह बातचीत का तीसरा दौर है और दुनिया भर की नजरें इस बात पर हैं कि क्या अब युद्ध खत्म होगा और शांति लौटेगी।

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वॉशिंगटन में बैठक कब और क्यों हो रही है?

यह महत्वपूर्ण बातचीत 14 और 15 मई 2026 को तय की गई है। इससे पहले अप्रैल के महीने में 14 और 23 तारीख को भी दोनों देशों के बीच चर्चा हुई थी। इस पूरी कोशिश का मुख्य मकसद एक ऐसा समझौता करना है जिससे दोनों देशों के बीच सुरक्षा और शांति बनी रहे।

  • मुख्य लक्ष्य: लेबनान की सरकारी सत्ता को वापस मजबूत करना और सीमाओं का सही निर्धारण करना।
  • अमेरिका की शर्त: अमेरिका ने साफ कहा है कि शांति तभी होगी जब हिजबुल्लाह पूरी तरह से अपने हथियार छोड़ देगा।
  • नया नियम: वॉशिंगटन लेबनान पर यह दबाव बना रहा है कि वह 1955 के उस कानून को हटाए जो इसराइल के साथ रिश्तों को सामान्य करने से रोकता है।

युद्ध और तनाव की ताजा स्थिति क्या है?

बातचीत शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, 13 मई 2026 को इसराइल ने लेबनान में तेज हवाई हमले किए। इन हमलों में 12 लोगों की जान गई, जिनमें 8 बच्चे शामिल थे। इसी बीच लेबनान के विदेश मंत्रालय ने ईरान द्वारा देश के आंतरिक मामलों में दखल देने की शिकायत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में की है।

लेबनान सरकार के मुताबिक, 2 मार्च 2026 से अब तक इसराइली हमलों में 2700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इसराइल में अपने हमले जारी रखे हैं।

इस शांति प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल है?

इस पूरी डील को सफल बनाने के लिए अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति Donald Trump और विदेश मंत्री Marco Rubio इस प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं।

  • इसराइल की टीम: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में राजदूत येचिएल लीटर इस टीम का हिस्सा हैं।
  • लेबनान की टीम: राष्ट्रपति जोसेफ औन ने अनुभवी राजनयिक साइमन करम को अपनी टीम का नेतृत्व सौंपा है।
  • टकराव: जहाँ सरकारें बात कर रही हैं, वहीं हिजबुल्लाह इस पूरी बातचीत का कड़ा विरोध कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल और लेबनान के बीच मुख्य विवाद क्या है?

मुख्य विवाद सीमाओं के निर्धारण और हिजबुल्लाह के हथियारों को लेकर है। इसराइल चाहता है कि हिजबुल्लाह पूरी तरह निशस्त्र हो जाए ताकि लंबे समय तक शांति बनी रहे।

अमेरिका इस शांति समझौते के लिए क्या शर्तें रख रहा है?

अमेरिका का मानना है कि शांति तभी संभव है जब लेबनान की राज्य सत्ता पूरी तरह बहाल हो और हिजबुल्लाह अपने हथियार डाल दे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com