इसराइल और लेबनान के बीच जारी टकराव में अब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इसराइली सेना ने लेबनान के स्वास्थ्य ढांचे को खुले तौर पर चेतावनी दी है कि वह एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बना सकती है. इसराइल का आरोप है कि हिज़्बुल्लाह इन एम्बुलेंस का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए कर रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी पुष्टि की है कि उन्हें इसराइल की ओर से ऐसी चेतावनियाँ मिली हैं कि एम्बुलेंस पर हमले किए जाएंगे.

इसराइली सेना ने चेतावनी में क्या कहा है?

इसराइली सैन्य प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि हिज़्बुल्लाह एम्बुलेंस और अस्पतालों का बड़े पैमाने पर सैन्य उपयोग कर रहा है. सेना के मुताबिक, अगर यह गतिविधियां तुरंत बंद नहीं की गईं, तो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इन सुविधाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही दक्षिणी लेबनान के नबतियेह और आसपास के इलाकों में भारी हवाई हमले किए गए हैं, जिसमें कम से कम आठ सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है. इन हमलों के दौरान एम्बुलेंस घायलों को निकालने के काम में लगी हुई थीं, जिन्हें अब इसराइल की तरफ से निशाना बनाए जाने का खतरा है.

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और लेबनान की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

इस पूरे मामले पर विभिन्न संगठनों ने अपनी बात रखी है, जो इस प्रकार है:

  • लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय: मंत्रालय ने इसराइल के दावों को पूरी तरह से गलत बताया है और इसे स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों को जायज ठहराने की कोशिश कहा है.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO): संस्था के प्रतिनिधि डॉ. अब्दीनासिर अबूबकर ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को किसी भी स्थिति में सुरक्षा मिलनी चाहिए और उन पर हमला नहीं किया जाना चाहिए.
  • मानवाधिकार संगठन: एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि इसराइल के आरोपों के पीछे ठोस सबूत नहीं हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मेडिकल स्टाफ को सुरक्षा मिलती है.
  • जमीनी स्थिति: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार देश भर में 100 से अधिक हवाई हमले हुए हैं, जिससे स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है.