लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में 31 मार्च 2026 को इस्राइली सेना ने भीषण हमला किया है। इस्राइली सेना का कहना है कि उन्होंने हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। इस संघर्ष के कारण लेबनान में अब तक 12 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। बेरूत के इस रिहायशी इलाके में हुए ताजा हमले ने विस्थापन के संकट को और गहरा कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

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इस हमले में कितना नुकसान हुआ और इस्राइल की क्या योजना है?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बेरूत के रिहाब (Rihab) इलाके में हुए इस हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई है और बच्चों सहित 17 लोग घायल हुए हैं। इस्राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने स्पष्ट किया है कि वे दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से पर कब्जा करना चाहते हैं ताकि लितानी नदी (Litani River) तक एक सुरक्षित बफर ज़ोन बनाया जा सके। इस्राइली सेना सीमा के पास स्थित लेबनानी गांवों के घरों को नष्ट करने की नीति पर काम कर रही है। इस्राइल का कहना है कि जब तक उत्तरी क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक विस्थापित नागरिकों को लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

लेबनान युद्ध और मानवीय संकट से जुड़ी कुछ मुख्य बातें

युद्ध के कारण लेबनान में हालात लगातार खराब हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने बिगड़ती स्थिति पर आंकड़े साझा किए हैं:

  • बड़ी संख्या में मौतें: 2 मार्च 2026 से अब तक लेबनान में 1200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें 125 बच्चे और 52 मेडिकल कर्मचारी शामिल हैं।
  • भारी विस्थापन: लेबनान में अब तक कुल 1.2 मिलियन (12 लाख) लोग बेघर हो चुके हैं, जिसमें से 6 लाख लोग केवल दक्षिणी लेबनान से हैं।
  • जमीनी लड़ाई: दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह और इस्राइली सेना के बीच सीधी जंग जारी है। हिजबुल्लाह ने इस्राइल के एक मेरकावा टैंक को नष्ट करने का दावा किया है।
  • सैनिकों की मौत: हालिया झड़पों में इस्राइल के 4 सैनिक मारे गए हैं, वहीं लेबनानी सेना कुछ इलाकों से पीछे हट गई है।
  • शांति सैनिकों पर खतरा: संयुक्त राष्ट्र ने शांति सैनिकों (UNIFIL) पर हो रहे हमलों की निंदा की है और इस मामले में सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है।
  • मानवाधिकार चिंता: ह्यूमन राइट्स वॉच ने चेतावनी दी है कि रिहायशी इलाकों को जानबूझकर नष्ट करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

हिजबुल्लाह और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?

हिजबुल्लाह ने इस्राइली ठिकानों और उनकी हवाई रक्षा प्रणाली पर हमले तेज कर दिए हैं। दूसरी तरफ, फ्रांस और तुर्की जैसे देशों ने इस सैन्य कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। यूरोपीय संघ ने संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों पर हुए हमलों की जांच की मांग की है। लेबनान के भीतर चल रहे इस संघर्ष ने न केवल वहां के नागरिकों बल्कि पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। राहत शिविरों में लोगों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में भोजन और दवाइयों की भारी कमी होने की संभावना है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com