इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जंग अब और तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि उनकी सेना बिंत जबेल शहर को पूरी तरह खत्म करने वाली है। एक तरफ युद्ध की आग बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ दुनिया भर से इस लड़ाई को रोकने और सीज़फायर के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा है।

🚨: Israel-Lebanon Meeting: वाशिंगटन में हुई ऐतिहासिक मुलाकात, हिजबुल्लाह ने बताया शर्मनाक, शुरू हुए रॉकेट हमले

बिंट जबेल में क्या चल रहा है और इजरायल का क्या प्लान है?

इजरायली सेना ने लेबनान के अहम शहर बिंत जबेल को चारों तरफ से घेर लिया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मुताबिक, सेना इस इलाके में हिजबुल्लाह के मजबूत ठिकानों को तबाह कर रही है। इजरायल का लक्ष्य यह है कि लिटानी नदी तक का पूरा इलाका हिजबुल्लाह के लड़ाकों के लिए नो-गो ज़ोन बन जाए। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने इजरायली सैनिकों और गाड़ियों पर रॉकेट हमले किए हैं, जबकि कुछ हिजबुल्लाह लड़ाकों ने सेना के सामने आत्मसमर्पण भी किया है।

सीज़फायर की क्या स्थिति है और बातचीत में कौन शामिल है?

युद्ध रोकने के लिए अमेरिका, इजरायल और लेबनान के बीच वाशिंगटन में एक बड़ी मीटिंग हुई। इस चर्चा में इजरायल ने हिजबुल्लाह के हथियारों को खत्म करने की मांग रखी, वहीं लेबनान ने तुरंत सीज़फायर और मानवीय मदद की अपील की। ईरान के एक अधिकारी ने दावा किया कि 15 अप्रैल की रात से एक हफ्ते का सीज़फायर शुरू होगा, लेकिन इजरायली अधिकारियों ने इस बात से इनकार कर दिया है। अमेरिका इस पूरे मामले में बीच-बचाव कर रहा है और दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत चाहता है।

लेबनान में कितना नुकसान हुआ और क्या है ताजा आंकड़ा?

इस युद्ध की वजह से लेबनान में भारी तबाही मची है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरने और घायल होने वालों की संख्या जारी की है, जो इस तरह है:

विवरण कुल मौतें कुल घायल
2 मार्च से 15 अप्रैल 2026 2,167 7,061
केवल 15 अप्रैल को 43 140

यूएन (UN) के विशेषज्ञों ने इजरायल के इस हमले की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने दोनों पक्षों से युद्ध रोकने की अपील की है ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके।