Israel और Lebanon के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। सीजफायर की खबरों के बीच भी इसराइल ने लेबनान पर बड़े हमले किए हैं। इस वजह से वहां आम लोगों और सैनिकों की जान जा रही है और हालात बिगड़ते जा रहे हैं। दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या यह युद्ध रुकेगा या और फैलेगा।

लेबनान में हमलों का क्या असर हुआ?

8 अप्रैल को Israel ने अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जिसमें 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया। लेबनान के हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक बुधवार को हुए हमलों में 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,150 से ज्यादा घायल हुए। 2 मार्च से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक लेबनान में कुल 1,888 लोगों की मौत हो चुकी है और 6,092 लोग घायल हुए हैं। इसराइल ने Beirut में Hezbollah नेता के सचिव अली यूसुफ हरशी को भी मार गिराया है।

सीजफायर को लेकर विवाद क्यों है?

अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर समझौते को लेकर बड़ी बहस छिड़ी है। US राष्ट्रपति Donald Trump और इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu का कहना है कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता। वहीं ईरान, पाकिस्तान और लेबनान का दावा है कि लेबनान इस डील का हिस्सा है। इस विवाद की वजह से लेबनान में गोलाबारी और हमले बंद नहीं हुए हैं।

नेताओं ने इस स्थिति पर क्या कहा?

Benjamin Netanyahu ने कहा कि वे लेबनान से बातचीत करेंगे लेकिन Hezbollah के खिलाफ हमले जारी रहेंगे। वहीं लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun का मानना है कि बातचीत से पहले सीजफायर जरूरी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इसराइल की कार्रवाई की निंदा की है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था, हालांकि उन्होंने इसराइल से संयम बरतने की बात कही है।

Sushma Kumari

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