Israel-Lebanon War: युद्धविराम बढ़ा फिर भी जारी हैं हमले, इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच फिर छिड़ी जंग

इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम (ceasefire) की समय सीमा बढ़ा दी गई है, लेकिन इसके बावजूद दोनों तरफ से हमले नहीं रुके हैं। शुक्रवार को भी इसराइली सेना और हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने एक-दूसरे पर हमले किए। अमेरिका ने इस युद्ध को रोकने के लिए कोशिशें की थीं, लेकिन ज़मीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

क्या है अमेरिका का फैसला और मौजूदा स्थिति?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को व्हाइट हाउस में बातचीत के बाद युद्धविराम को तीन हफ्ते के लिए और बढ़ाने का ऐलान किया था। इससे पहले 16 अप्रैल से 10 दिनों के लिए लड़ाई रोकने का समझौता हुआ था। Trump ने कहा कि अमेरिका लेबनान की मदद करेगा ताकि वह खुद को हिजबुल्लाह से बचा सके। वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी खतरे के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।

हिजबुल्लाह और UNIFIL का इस पर क्या कहना है?

हिजबुल्लाह ने इस युद्धविराम के विस्तार को बेमतलब बताया है। उनके नेता Ali Fayyad ने कहा कि इसराइल की हरकतों का जवाब देना उनका हक है। दूसरी तरफ, लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना UNIFIL ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। UNIFIL ने दोनों पक्षों को तुरंत हथियार डालने और UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का पालन करने की सलाह दी है। कनाडा की विदेश मंत्री Anita Anand ने भी कहा है कि हिजबुल्लाह को अपने हथियार डालने चाहिए।

पिछले कुछ दिनों में क्या-क्या हुआ?

24 अप्रैल को हिजबुल्लाह ने लेबनान के इलाके में एक इसराइली ड्रोन पर हमला किया। जवाब में IDF ने दक्षिणी लेबनान के Kherbet Selem और Touline इलाकों में हमले किए और Deir Amas शहर के लोगों को वहां से निकलने की चेतावनी दी। बता दें कि 8 अप्रैल को इसराइल ने ‘Operation Eternal Darkness’ चलाया था, जिसमें 100 से ज़्यादा ठिकानों पर हमले हुए थे और करीब 357 लोग मारे गए थे। मार्च 2026 से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 10 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो चुके हैं।