Israel और Lebanon के बीच चल रही जंग ने वहां के मासूम बच्चों का जीवन पूरी तरह बदल दिया है। इस युद्ध की वजह से लाखों छात्र और शिक्षक अपने घरों से दूर हो गए हैं, जिससे स्कूल और कॉलेज बंद हो गए हैं। UNESCO और UNICEF जैसी संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि बच्चे अपनी दिनचर्या, स्थिरता और दोस्ती खो रहे हैं, जिससे एक पूरी पीढ़ी के पिछड़ने का खतरा बढ़ गया है।

लेबनान के शिक्षा तंत्र पर युद्ध का क्या असर पड़ा?

इसराइल के सैन्य हमलों ने लेबनान की शिक्षा व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्थिति काफी गंभीर है और आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं:

  • UNICEF की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 अप्रैल 2026 तक करीब 2,56,000 छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई।
  • Save the Children ने बताया कि लेबनान में 3 लाख से ज्यादा बच्चे विस्थापित हुए हैं।
  • लगभग 900 सरकारी स्कूलों को शेल्टर (आश्रय स्थल) में बदल दिया गया है, जिससे वहां पढ़ाई करना नामुमकिन हो गया है।
  • इंटरनेट की कमी और बिजली की किल्लत की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई में भी बच्चों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू करने के लिए क्या इंतजाम हुए?

लेबनान के शिक्षा मंत्रालय (MEHE) और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं मिलकर बच्चों को वापस पढ़ाई से जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। इसके लिए कुछ खास कदम उठाए गए हैं:

  • UNESCO ने ‘टीचिंग हब’ (Teaching Hubs) बनाए हैं, जो अस्थाई तौर पर सीखने की जगह के तौर पर काम करेंगे।
  • इन हब को चलाने और बच्चों की मानसिक सेहत के लिए UNESCO ने 28 अप्रैल 2026 तक 6,50,000 डॉलर दिए हैं।
  • शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों को धीरे-धीरे खोलने का फैसला किया है और इसके लिए ‘ब्लेंडेड लर्निंग’ (Blended Learning) का तरीका अपनाया जा रहा है।

शांति वार्ताओं और मौजूदा हालात की क्या स्थिति है?

यह संघर्ष 2 मार्च 2026 को तेज हुआ था। फिलहाल वहां एक अस्थाई युद्धविराम लागू है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। 12 मई 2026 को Hezbollah के नेता ने लेबनान सरकार से इसराइल के साथ सीधी बातचीत बंद करने और केवल अप्रत्यक्ष बातचीत करने की मांग की। इस बीच UNIFIL की टीमें सहायता सामग्री ले जाने वाले काफिलों की मदद कर रही हैं और सीमा पर स्थिति की निगरानी कर रही हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान में कितने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है?

UNICEF के आंकड़ों के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 तक करीब 2,56,000 छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई है और Save the Children के मुताबिक 3 लाख से ज्यादा बच्चे विस्थापित हुए हैं।

बच्चों की शिक्षा के लिए UNESCO ने क्या मदद की है?

UNESCO ने अस्थाई शिक्षण केंद्र यानी ‘टीचिंग हब’ बनाने और बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए 6,50,000 डॉलर की राशि आवंटित की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com