इजरायल ने लेबनान में शुरू किया ‘ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस’, 100 से ज़्यादा ठिकानों पर बमबारी, 180 से ज़्यादा लोगों की मौत.
इजरायल और लेबनान के बीच तनाव अब चरम पर पहुँच गया है क्योंकि इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने जमीनी ऑपरेशन को और तेज़ कर दिया है। सेना ने दावा किया है कि उसने कई नए इलाकों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है और दर्जनों हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया है। पिछले 24 घंटों में हुए भीषण हवाई हमलों ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचा दी है, जिसमें सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यह सैन्य अभियान उस समय बढ़ाया गया है जब शांति की बातें की जा रही थीं।
लेबनान में सैन्य अभियान और हवाई हमलों का ताज़ा अपडेट
इजराइली सेना (IDF) ने ‘ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस’ के तहत लेबनान पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले किए हैं। 9 अप्रैल 2026 को मात्र 10 मिनट के भीतर इजरायल के 50 से अधिक लड़ाकू विमानों ने 100 से अधिक ठिकानों को अपना निशाना बनाया। इन हमलों में दक्षिणी लेबनान, बेरूत और बेका घाटी के सैन्य ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस कार्रवाई में कम से कम 182 लोगों की मौत हुई है और 890 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
युद्धविराम की कोशिशों और सेना की तैनाती पर बड़ी जानकारी
भले ही अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से युद्धविराम की चर्चा चल रही थी, लेकिन इजरायल ने लेबनान में हमले जारी रखने का फैसला किया है। इजरायली सरकार ने साफ़ किया है कि वे हिज़्बुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई नहीं रोकेंगे। नीचे दी गई जानकारी से स्थिति को बेहतर समझा जा सकता है:
- इजरायल ने सीमा पर अपनी 98वीं डिवीजन के साथ चार अन्य डिवीजनों को तैनात कर दिया है।
- इजरायल का लक्ष्य लिटानी नदी तक एक ‘सुरक्षा क्षेत्र’ तैयार करना है ताकि उत्तरी इजरायल पर हमले रोके जा सकें।
- हिज़्बुल्लाह ने भी इस स्थिति को ‘खुला युद्ध’ करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- लेबनान के कई गांवों के निवासियों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं।
- ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि लेबनान पर हमले नहीं रुके, तो वह युद्धविराम समझौते से पीछे हट सकता है।





