इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सेना को दक्षिणी लेबनान में जमीनी हमले और तेज़ करने का आदेश दिया है। 29 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री ने कहा कि सेना अब दक्षिणी लेबनान के और गहरे इलाकों तक जाएगी ताकि सीमा पर सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके। इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, खासकर तब जब अमेरिका और इज़राइल का ईरान के साथ तनाव पहले से ही जारी है। लेबनान में अब तक हज़ारों लोग विस्थापित हो चुके हैं और मानवीय संकट गहरा गया है।

हमले के मुख्य उद्देश्य और सेना की कार्रवाई

इज़राइली सरकार ने साफ किया है कि उनका लक्ष्य हिजबुल्लाह को सीमा से दूर धकेलना है। रक्षा मंत्री Israel Katz के अनुसार, इज़राइली सेना अब लिटानी नदी तक के सुरक्षा क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेगी। सेना की 146वीं डिवीजन ने पहले ही अल-बायदा जैसे रणनीतिक स्थानों पर अपनी पकड़ बना ली है। नेतन्याहू का मानना है कि इस अभियान से हिजबुल्लाह की मिसाइल दागने की क्षमता कम होगी और इज़राइल के उत्तरी हिस्से में रहने वाले लोग सुरक्षित महसूस करेंगे।

युद्ध से जुड़ा महत्वपूर्ण डाटा और चेतावनी

विवरण जानकारी
लेबनान में मौतें 2 मार्च से अब तक 1,200 से अधिक लोग मारे गए
स्वास्थ्य कर्मी कुल 51 स्वास्थ्य कर्मियों की जान गई
विस्थापित लोग लगभग 11 लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए
ईरान की चेतावनी अमेरिकी सेना के आने पर आग लगाने की धमकी दी
पत्रकारों की मौत 28 मार्च को तीन पत्रकारों की हमले में मौत हुई
अमेरिकी फौज 3,500 मरीन सैनिकों की मिडिल ईस्ट में तैनाती हुई