इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के ज़हरानी नदी (Zahrani River) के दक्षिणी हिस्सों में रहने वाले नागरिकों के लिए घर खाली करने का नया आदेश जारी किया है। सेना ने लोगों से कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत उत्तर की तरफ चले जाएं। यह चेतावनी 31 मार्च 2026 को जारी की गई है, क्योंकि इलाके में इजरायल और हिजबुल्लाह (Hezbollah) के बीच तनाव चरम पर है। लेबनान सरकार के मुताबिक अब तक करीब 12 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।

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इजरायली सेना की चेतावनी और बफर जोन की योजना

इजरायली सेना के प्रवक्ता Avichay Adraee ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि ज़हरानी नदी के दक्षिण में रहने वाले लोगों की जान को खतरा हो सकता है। इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने संकेत दिए हैं कि सेना लितानी नदी तक करीब 30 किलोमीटर का एक बफर जोन बनाना चाहती है। उनका कहना है कि जब तक उत्तरी इजरायल के लोग सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे, तब तक विस्थापित लोगों को वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मानवीय संगठनों का मानना है कि यह स्थिति लंबे समय तक चल सकती है।

लेबनान में बिगड़ते हालात और प्रभावित क्षेत्र

लेबनान में चल रहे इस युद्ध के कारण आम जनता की परेशानियां बढ़ गई हैं। इजरायली सेना ने लितानी नदी के पुलों को भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। मौजूदा हालात को इस तरह समझा जा सकता है:

विवरण आंकड़े / जानकारी
कुल विस्थापित लोग 12 लाख से अधिक (लेबनान सरकार के अनुसार)
मौत और घायल 1,094 से अधिक मौतें और 3,119 घायल
प्रभावित इलाका 1,470 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र
प्रभावित शहर 100 से ज्यादा गांव और कस्बे

मानवाधिकार संगठनों जैसे Human Rights Watch ने इसे जबरन विस्थापन बताते हुए चिंता जताई है। सेना के आदेश के बाद लेबनान की 18% आबादी मात्र दो हफ्तों के भीतर बेघर हो चुकी है। अब तक 2.5 लाख से ज्यादा लोग लेबनान छोड़कर दूसरे देशों में शरण ले चुके हैं। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई केवल हिजबुल्लाह की गतिविधियों को रोकने के लिए की जा रही है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com