इसराइल और लेबनान के बीच तनाव चरम पर है। अगले हफ्ते वाशिंगटन में दोनों देशों के अधिकारी एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं, लेकिन इसराइल ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वह हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम (ceasefire) पर कोई चर्चा नहीं करेगा। लेबनान में इसराइल के हमले अब भी जारी हैं और हालात काफी गंभीर बने हुए हैं।

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वाशिंगटन मीटिंग में क्या होगा और इसराइल का स्टैंड क्या है?

मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट में इसराइल और लेबनान के अधिकारियों की मुलाकात होगी। इसराइल के राजदूत येशियल लेइटर ने साफ़ किया कि हिजबुल्लाह शांति के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट है, इसलिए उनके साथ ceasefire की बात नहीं की जाएगी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि बातचीत का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्लाह को निहत्था करना और लेबनान सरकार के साथ शांति संबंध बनाना होगा। इसराइल का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता है।

लेबनान और ईरान की क्या मांगें हैं?

लेबनान की सरकार चाहती है कि बातचीत शुरू होने से पहले युद्धविराम हो ताकि आम लोगों की जान बच सके। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन लेबनान के अन्य अधिकारियों का कहना है कि बातचीत से पहले ceasefire जरूरी है। वहीं, ईरान ने अपनी शर्त रखी है कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ उसकी बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब लेबनान में युद्धविराम होगा और ईरान की रुकी हुई संपत्ति वापस मिलेगी। हिजबुल्लाह प्रमुख नइम कासिम ने सीधी बातचीत से इनकार कर दिया है।

अब तक कितना नुकसान हुआ और क्या नई Developments हुईं?

लेबनान में 2 मार्च से शुरू हुए हमलों में अब तक 1,950 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अकेले 8 अप्रैल को 350 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई। इस बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल भी हुई है, जहाँ 10 अप्रैल को लेबनान और इसराइल के राजदूतों के बीच 1983 के बाद पहली बार फोन पर बातचीत हुई। अमेरिका इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसराइल पर हमले कम करने का दबाव बनाया है।

मुख्य जानकारी विवरण
मीटिंग की तारीख 14 अप्रैल 2026
मीटिंग की जगह वाशिंगटन डी.सी. (USA)
लेबनान में कुल मौतें 1,950 से अधिक (2 मार्च से)
इसराइल का लक्ष्य हिजबुल्लाह को निहत्था करना
ईरान की शर्त लेबनान में ceasefire और संपत्ति की वापसी
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.