इज़राइल और लेबनान के बीच लंबे समय बाद वाशिंगटन में एक अहम मीटिंग हुई है। इस बैठक में अमेरिका ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने बातचीत को सकारात्मक बताया है और भविष्य में सीधी बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है। यह कदम इलाके में शांति लाने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।

मीटिंग में क्या बातें हुईं और किसने क्या कहा?

वाशिंगटन में हुई इस त्रिपक्षीय बैठक को अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने शांति का एक ऐतिहासिक मौका बताया। लेबनान की राजदूत Nada Hamadeh Moawad ने बातचीत को रचनात्मक कहा और जल्द से जल्द युद्धविराम की मांग की। वहीं इज़राइली राजदूत Yechiel Leiter ने कहा कि लेबनान को ईरान के प्रभाव और हिज़्बुल्लाह से मुक्त कराना ज़रूरी है।

लेबनान और इज़राइल की मुख्य मांगें क्या हैं?

पक्ष मुख्य मांग और स्थिति
लेबनान सीजफायर, विस्थापित लोगों की वापसी और संप्रभुता की रक्षा
इज़राइल हिज़्बुल्लाह का निशस्त्रीकरण और आतंकी ढांचे को खत्म करना
अमेरिका इज़राइल के बचाव के अधिकार का समर्थन और मानवीय सहायता

लेबनान ने नवंबर 2024 के युद्धविराम समझौते को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया। दूसरी तरफ, इज़राइल का कहना है कि जब तक हिज़्बुल्लाह हथियार नहीं डालता, तब तक स्थायी शांति मुश्किल है। अमेरिका ने इस बीच लेबनान के विस्थापित लोगों के लिए 58 मिलियन डॉलर की मदद को मंजूरी दी है।

हिज़्बुल्लाह का इस मीटिंग पर क्या असर रहा?

हिज़्बुल्लाह ने इस सीधी बातचीत का कड़ा विरोध किया है। मीटिंग शुरू होते ही समूह ने इज़राइली शहरों पर रॉकेट हमले तेज कर दिए। हिज़्बुल्लाह ने साफ कह दिया है कि वह इस तरह के किसी भी समझौते को नहीं मानेगा। हालांकि, लेबनान सरकार ने अब हिज़्बुल्लाह की इन सैन्य गतिविधियों को गैरकानूनी घोषित कर दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.