वाशिंगटन DC में आज 14 अप्रैल 2026 को इसराइल और लेबनान के बीच एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में इसराइल, दक्षिण लेबनान में अपनी सेना को लंबे समय तक तैनात रखने का एक प्रस्ताव पेश करेगा। अमेरिका इस पूरी बातचीत की मेजबानी कर रहा है और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, लेबनान के भीतर हिजबुल्ला ने इस बैठक को पूरी तरह बेकार बताया है।

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इसराइल का लेबनान के लिए क्या है मास्टर प्लान?

इसराइल ने लेबनान के लिए तीन ज़ोन वाला एक प्लान तैयार किया है। पहले ज़ोन में, सीमा से 7-8 किलोमीटर तक इसराइली सेना लंबे समय तक तैनात रहेगी जब तक हिजबुल्ला पूरी तरह निशस्त्र नहीं हो जाता। दूसरे ज़ोन में, लिटानी नदी तक इसराइल अपने ऑपरेशन जारी रखेगा और धीरे-धीरे कंट्रोल लेबनानी सेना को सौंपेगा। लिटानी नदी के उत्तर वाले इलाके की पूरी ज़िम्मेदारी लेबनानी सेना की होगी। इस प्लान में भविष्य में एक अंतिम शांति समझौते की संभावना भी शामिल है।

बातचीत को लेकर अलग-अलग पक्षों का क्या स्टैंड है?

लेबनान की प्रेसीडेंसी का कहना है कि बातचीत से पहले युद्धविराम (ceasefire) होना ज़रूरी है। दूसरी तरफ, हिजबुल्ला नेता नइम कासिम ने लेबनानी सरकार से इन बातचीत को रद्द करने की अपील की है और इसे एक बेकार समझौता बताया है। अमेरिका इसराइल पर युद्धविराम के लिए दबाव बना रहा है, जबकि इसराइल का कहना है कि जब तक सुरक्षा नहीं मिलती, हमले जारी रहेंगे। इसी बीच UN ने रिपोर्ट दी है कि इसराइली सेना ने शांति सैनिकों के रास्ते में रुकावट डाली और चेतावनी वाले शॉट दागे।

तारीख महत्वपूर्ण घटना
2 मार्च 2026 हिजबुल्ला द्वारा रॉकेट हमले से संघर्ष की शुरुआत हुई
9 अप्रैल 2026 पीएम नेतन्याहू ने सीधी बातचीत की अनुमति दी
10 अप्रैल 2026 लेबनान, इसराइल और अमेरिका के राजदूतों के बीच फोन कॉल हुई
14 अप्रैल 2026 वाशिंगटन DC में आधिकारिक बैठक निर्धारित की गई
14 अप्रैल 2026 इसराइल ने दक्षिण लेबनान के एक मुख्य शहर पर हमला किया
14 अप्रैल 2026 नइम कासिम ने बातचीत रद्द करने के लिए भाषण दिया