इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है. उसने वहां ‘येलो लाइन’ नाम का एक बफर जोन बनाया है, जो काफी हद तक गाजा जैसा ही है. इसराइल अब लिटानी नदी तक अपना नियंत्रण बढ़ाने की बात कर रहा है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है.

क्या है यह ‘येलो लाइन’ और इसराइल का इरादा क्या है?

इसराइल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में अपनी मर्जी से एक सीमा तय की है जिसे ‘येलो लाइन’ कहा जा रहा है. इसराइल का कहना है कि वह लिटानी नदी तक एक सिक्योरिटी जोन बनाना चाहता है ताकि उसके उत्तरी इलाकों पर हमले रुक सकें. यह इलाका लेबनान की कुल जमीन का करीब 10% हिस्सा हो सकता है. इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz और प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस क्षेत्र पर नियंत्रण रखने का समर्थन किया है. सेना का मानना है कि इस जोन के अंदर उनके काम किसी पुराने युद्धविराम समझौते से बंधे नहीं हैं.

लेबनान और हिजबुल्लाह की क्या प्रतिक्रिया है?

लेबनान सरकार इस फैसले के सख्त खिलाफ है. प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने साफ कहा है कि लेबनान किसी भी बफर जोन को स्वीकार नहीं करेगा और इसराइल को पूरी तरह वहां से हटना होगा. वहीं राष्ट्रपति Joseph Aoun ने भी इसराइली सेना की वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है. दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने इस युद्धविराम को बेमानी बताया है. हिजबुल्लाह ने हाल ही में इसराइली ठिकानों पर ड्रोन हमले किए और दावा किया कि यह इसराइल द्वारा ceasefire के उल्लंघन का जवाब था.

अमेरिका और UN की क्या भूमिका है?

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम कराने में मदद की है, जिसे हाल ही में तीन हफ्ते के लिए और बढ़ाया गया है. ट्रंप इसराइल को लेबनान पर और हमले करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं UNIFIL (संयुक्त राष्ट्र बल) ने चिंता जताई है कि इसराइल उनकी गाड़ियों और मूवमेंट पर रोक लगा रहा है, जिससे जरूरी सामान पहुँचाना मुश्किल हो गया है. UN की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल ने कई गांवों में घर गिरा दिए हैं और वहां आम लोगों के लौटने पर पाबंदी लगा दी है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com