इसराइल का बड़ा ऐलान, सीरिया और लेबनान सीमा पर बनी रहेगी सेना, सुरक्षा का दिया हवाला।

Nura Basta25 August 20263 min read65 viewsWorld
इसराइल का बड़ा ऐलान, सीरिया और लेबनान सीमा पर बनी रहेगी सेना, सुरक्षा का दिया हवाला।

मध्य पूर्व में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है और इस बीच इसराइल की तरफ से एक बहुत बड़ा फैसला सामने आया है। 25 अगस्त 2026 को इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने यह पक्का कर दिया है कि इसराइली सेना सीरिया, लेबनान और गाजा की सीमाओं से पीछे नहीं हटेगी और वहां सुरक्षा जोन में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी। दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने पहुंचे रक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस देश और यहां के लोगों की सुरक्षा के लिए यह फौजी तैनाती बेहद जरूरी है ताकि सीमा को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।

फॉरवर्ड डेटरेंस नीति और सीरिया का कड़ा विरोध

IDF के चीफ ऑफ स्टाफ Eyal Zamir ने भी इस बात का पूरा समर्थन किया और कहा कि वे फॉरवर्ड डेटरेंस यानी आगे बढ़कर रोकने की नीति पर काम कर रहे हैं। इस नीति का मकसद यह है कि दुश्मन देशों को लेवंत क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत या ढांचा खड़ा करने का कोई मौका न मिले। हालांकि इस कदम के बाद सीरिया की सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से इस दौरे की कड़ी निंदा की और इसे सीरियाई जमीन पर अवैध प्रवेश तथा देश की संप्रभुता के खिलाफ एक शत्रुतापूर्ण कार्रवाई बताया है।

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लेबनान सीमा पर गोलाबारी और संघर्ष विराम समझौते की स्थिति

इससे पहले 24 अगस्त 2026 को लेबनान के सरकारी मीडिया ने रिपोर्ट दी थी कि मंसूरी, हौला और खियाम जैसे कई शहरों में लगातार इसराइली गोलाबारी, घरों को गिराने और खेती की जमीनों को तबाह करने का काम जारी है। यह सब तब हो रहा है जब दोनों पक्षों के बीच पहले से ही एक संघर्ष विराम और 26 जून को हुआ अमेरिकी प्रायोजित ढांचागत समझौता लागू है जिसके तहत इसराइली सेना को धीरे-धीरे पीछे हटना था। विश्लेषकों का मानना है कि 25 अगस्त 2026 को अमेरिका द्वारा सीरिया को आतंकवाद के प्रायोजक देशों की सूची से हटाने के फैसले से इसराइल की कूटनीतिक ताकत पर भी असर पड़ सकता है।

लेबनान और सीरिया में सैन्य गतिविधियां

दिसंबर 2024 में असद सरकार के पतन के बाद से ही इसराइल ने पूर्व संयुक्त राष्ट्र गश्त वाले बफर जोन को अपने सुरक्षा दायरे में ले लिया है। इसराइली रक्षा अधिकारियों को अभी भी यह डर सता रहा है कि हिजबुल्लाह इस संघर्ष विराम का फायदा उठाकर ईरान के कुद्स फोर्स द्वारा दिए जा रहे हथियारों और फंडिंग की मदद से अपनी ताकत फिर से मजबूत कर रहा है। इसी के चलते हाल ही में 18 अगस्त 2026 को उत्तर-पश्चिम सीरिया में अबू अल-दुहूर मिलिट्री एयरबेस पर हवाई हमला किया गया था ताकि वहां तुर्की की फौजी मौजूदगी को रोका जा सके। इसके अलावा लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इसराइल पर पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर अपराध करने का आरोप लगाया है जिसमें खासतौर पर सफेद फॉस्फोरस और ग्लाइफोसेट के छिड़काव की बात कही गई है। बढ़ते तनाव को देखते हुए मोसाद के प्रमुख Roman Gofman को तुर्की और सीरिया के साथ क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए नए सिरे से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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