इजरायली सेना ने 5 साल की हिंड रजब और 15 पैरामेडिक्स की मौत पर शुरू की आपराधिक जांच

Nura Basta19 August 20263 min read47 viewsWorld
इजरायली सेना ने 5 साल की हिंड रजब और 15 पैरामेडिक्स की मौत पर शुरू की आपराधिक जांच

इजरायली सैन्य अधिकारियों ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को गाजा में 5 साल की बच्ची Hind Rajab और 15 फिलिस्तीनी पैरामेडिक्स की मौत के मामलों में पहली बार आपराधिक जांच शुरू करने का बड़ा ऐलान किया है। यह कदम लगभग तीन साल से चल रहे संघर्ष के दौरान सैनिकों के आचरण की समीक्षा के बाद उठाया गया है, जिसमें कुल 150 सैन्य गतिविधियों की घटनाओं की जांच की गई थी।

हिंड रजब की मौत का पूरा मामला और एम्बुलेंस पर फायरिंग

छोटी बच्ची Hind Rajab की हत्या फरवरी 2024 में उस समय हुई थी, जब गाजा सिटी में इजरायली सैन्य घुसपैठ के दौरान उनकी कार पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई थी। इस हमले में बच्ची के चार चचेरे भाई-बहन, उसकी आंटी और अंकल की भी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के समय उसकी 15 साल की चचेरी बहन Layan Hamada ने मदद के लिए फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट से संपर्क किया था, लेकिन कुछ ही पलों में गोलियों की आवाज के बाद बातचीत हमेशा के लिए बंद हो गई थी। इसके पूरे 12 दिन बाद हिंड का शव उसके रिश्तेदारों और मदद के लिए भेजी गई दो एम्बुलेंस के कर्मचारियों के साथ बरामद हुआ था। सेना ने खुद यह स्वीकार किया कि उनके सैनिकों ने परिवार की कार और उनको बचाने गई एम्बुलेंस दोनों पर फायरिंग की थी। इस मामले की जांच का कारण फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट की एम्बुलेंस की आवाजाही के समन्वय में कथित विफलता को बताया गया है।

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मार्च 2025 की घटना और अन्य राहत कर्मियों की मौत

एक अन्य घटनाक्रम के तहत सेना ने मार्च 2025 में मारे गए 15 फिलिस्तीनी पैरामेडिक्स और राहत कार्यकर्ताओं की मौत की जांच की घोषणा की है। उस समय सैनिकों पर यह गंभीर आरोप लगे थे कि उन्होंने शवों को एक सामूहिक कब्र में बुलडोजर से दबा दिया था। हालांकि इन जांचों के बीच इजरायली सेना ने यह भी साफ कर दिया कि वह विश्व केंद्रीय रसोई यानी World Central Kitchen (WCK) और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर यानी MSF के राहत कर्मियों पर हुए तीन अन्य हमलों की आपराधिक जांच नहीं करेगी। अप्रैल 2024 की डब्ल्यूसीके घटना को लेकर अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि आगे की जांच को सही ठहराने के लिए आपराधिक कदाचार का कोई उचित संदेह नहीं बनता है।

मानवाधिकार संगठनों और नेताओं की प्रतिक्रिया

विश्व केंद्रीय रसोई के संस्थापक शेफ José Andrés ने डब्ल्यूसीके हमले की जांच से इनकार करने के फैसले को गलत और पीड़ादायक बताया है। वहीं संगठन का यह तर्क है कि सेना का यह बयान पूरी तरह से जिम्मेदारी से बचने और दोष मढ़ने का काम करता है। फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट के प्रवक्ता Eid Azizi ने कहा कि सच्चाई पूरी दुनिया के सामने पहले से ही साबित हो चुकी है और इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करके आसानी से टाला जा सकता था। हिंड रजब की दादी ने भी इजरायली प्रक्रिया पर गहरा अविश्वास जताते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की जोरदार मांग की है। मानवाधिकार संगठनों ने इजरायली सेना की आंतरिक जवाबदेही पर गंभीर संदेह जताया है। संगठन Yesh Din से जुड़े Dan Owen ने बताया कि ऐसी जांचों का बहुत ही छोटा हिस्सा अभियोग तक पहुंच पाता है और दोषियों को मिलने वाली सजाएं भी काफी नाममात्र की होती हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के स्वतंत्र विशेषज्ञों ने हिंड रजब की हत्या को युद्ध अपराध बताया है और कई मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं।

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