इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने जमीनी हमले का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 162वीं डिवीजन के सैनिक अब इस अभियान में शामिल हो चुके हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य दक्षिणी लेबनान में एक सुरक्षित क्षेत्र बनाना है ताकि इजरायल के उत्तरी हिस्से में रहने वाले लोग वापस अपने घरों को लौट सकें। इजरायल के रक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि जब तक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक सैन्य अभियान पूरी ताकत से जारी रहेगा।

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जमीनी अभियान और सेना की नई रणनीति क्या है?

इजरायली सेना ने लेबनान सीमा पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नई टुकड़ियों को मैदान में उतारा है। सेना का लक्ष्य हिजबुल्लाह के ठिकानों को लिटानी नदी के उत्तर की ओर धकेलना है ताकि सीमावर्ती इलाकों को सुरक्षित रखा जा सके। इस रणनीति के तहत सेना ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  • लिटानी नदी पर बने उन सभी पुलों को नष्ट कर दिया गया है जिनका इस्तेमाल हिजबुल्लाह कर सकता था।
  • 91वीं और 36वीं डिवीजन पहले से ही सीमा के पास अभियान चला रही हैं।
  • 162वीं और 98वीं डिवीजन को आने वाले दिनों में और सक्रिय किया जाएगा।
  • इजरायल की योजना पूरे सुरक्षा घेरे को चौड़ा करने की है।
  • जब तक सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक विस्थापित लोगों को वापस लौटने की अनुमति नहीं होगी।

युद्ध की वर्तमान स्थिति और अब तक का नुकसान

दक्षिणी लेबनान में 16 मार्च 2026 से शुरू हुए इस जमीनी हमले में अब तक काफी जान-माल का नुकसान हो चुका है। हिजबुल्लाह की ओर से भी इजरायल के उत्तरी इलाकों में लगातार रॉकेट दागे जा रहे हैं जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। वर्तमान स्थिति को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:

विवरण आंकड़े / जानकारी
लेबनान में मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक
घायलों की कुल संख्या कम से कम 2,700
हिजबुल्लाह के रोजाना हमले औसतन 100 प्रोजेक्टाइल
ग्राउंड ऑपरेशन की शुरुआत 16 मार्च 2026
मुख्य सैन्य लक्ष्य लिटानी नदी तक नियंत्रण
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.