इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच जंग अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। हिज़बुल्लाह के खतरनाक विस्फोटक ड्रोन हमलों से निपटने के लिए इसराइल ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसराइल अब अपनी खुद की एक मिलिट्री फैक्ट्री लगाएगा जहाँ सुसाइड ड्रोन बनाए जाएंगे ताकि दुश्मन के हमलों का सही तरीके से जवाब दिया जा सके।

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इसराइल को क्यों बनानी पड़ रही है सुसाइड ड्रोन फैक्ट्री?

Israel’s Army Radio और Yediot Aharonot की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिज़बुल्लाह के विस्फोटक ड्रोन इसराइल के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। हाल ही में 10 मई 2026 को एक ड्रोन हमले में इसराइल के मास्टर सार्जेंट अलेक्जेंडर ग्लोबेनोव की जान चली गई। इसके अलावा हिज़बुल्लाह ने एक FPV ड्रोन के ज़रिए Iron Dome एयर डिफेंस बैटरी पर भी हमला किया। ये ड्रोन फाइबर-ऑप्टिक गाइडेड हैं, जिससे इन्हें इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के ज़रिए रोकना नामुमकिन हो जाता है। इसी खतरे को देखते हुए अब इसराइल अपनी खुद की ड्रोन यूनिट तैयार कर रहा है।

हिज़बुल्लाह के ड्रोन हमलों का ताज़ा हिसाब क्या है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, 17 अप्रैल को सीजफायर होने के बाद से हिज़बुल्लाह ने अब तक करीब 140 ड्रोन हमले किए हैं। मई के पहले हफ्ते में तो रोज़ाना 20 से 25 हमले हो रहे थे। जवाब में IDF ने 12 मई 2026 को दक्षिण लेबनान में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया, जिसमें 1,100 से ज़्यादा लक्ष्यों को निशाना बनाया गया और 350 से ज़्यादा हिज़बुल्लाह लड़ाकों को मारा गया। IDF के प्रवक्ता ने साफ़ किया है कि वे इन ड्रोन हमलों की चुनौती को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं।

इसराइल की तैयारी और अंदरूनी रिपोर्ट में क्या था?

IDF के ऑपरेशन्स निदेशालय ने मई 2025 में ही एक अंदरूनी दस्तावेज़ में चेतावनी दी थी कि फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन बड़ा खतरा बन सकते हैं, लेकिन इनके खिलाफ कदम उठाने में देरी हुई। अब Israeli Ministry of Security नए तकनीकी उपाय विकसित कर रही है। Channel 12 की रिपोर्ट बताती है कि मिलिट्री कमांड अब लेबनान के अंदर और गहराई तक ग्राउंड ऑपरेशन चलाने की तैयारी में है, जिसके लिए राजनीतिक नेतृत्व की मंजूरी का इंतज़ार किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन क्यों खतरनाक माने जा रहे हैं?

ये ड्रोन पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और जैमिंग सिस्टम से प्रभावित नहीं होते, जिससे इन्हें हवा में रोकना बहुत मुश्किल होता है।

इसराइल ने हिज़बुल्लाह के हमलों का क्या जवाब दिया है?

12 मई 2026 को इसराइल ने दक्षिण लेबनान में बड़े हमले किए, जिसमें 1,100 से अधिक ठिकानों को तबाह किया गया और 350 से ज्यादा लड़ाकों को मारा गया।