इसराइल की सेना में सैनिकों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव की खबरें सामने आ रही हैं. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल के फौजियों में आत्महत्या की घटनाओं में भारी इजाफा हुआ है. अप्रैल के महीने में ही कई सैनिकों ने अपनी जान दे दी, जिसने सबको हैरान कर दिया है. यह स्थिति अब सेना के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है.

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इसराइल की सेना में सुसाइड के आंकड़े क्या कहते हैं?

IRNA News Agency की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत से अब तक कम से कम 10 सैन्यकर्मी और 2 पुलिस अधिकारियों ने आत्महत्या की है. इनमें से 6 सैनिकों ने अकेले अप्रैल के महीने में अपनी जान दी. इससे पहले 2025 में भी यह आंकड़ा काफी बढ़ा था. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में 22 सैनिकों ने सुसाइड किया, जो 2010 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसके अलावा, जनवरी 2024 से जुलाई 2025 के बीच 279 सैनिकों ने आत्महत्या की कोशिश की, जिनमें से 36 की मौत हो गई.

सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य में इतनी गिरावट क्यों आई?

विशेषज्ञों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, गज़ा में चल रहे युद्ध और वहां के भयानक मंज़रों की वजह से सैनिक गहरे मानसिक तनाव में हैं. इसराइल के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि फिलहाल 32,000 सैनिकों का मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा के लिए इलाज चल रहा है. यह संख्या 2028 तक 50,000 तक पहुँच सकती है. यहाँ कुछ मुख्य कमियां सामने आई हैं:

  • डॉक्टरों की कमी: PTSD से जूझ रहे 850 दिग्गजों के लिए केवल एक केसवर्कर उपलब्ध है.
  • इंतज़ार का समय: मानसिक स्वास्थ्य उपचार के लिए सैनिकों को औसतन 6.5 महीने इंतज़ार करना पड़ता है.
  • सिस्टम की विफलता: रिज़र्व सैनिकों के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता वाले दिनों को रद्द किया गया और फील्ड में मानसिक स्वास्थ्य अधिकारियों की कमी देखी गई.

सरकार और सैन्य अधिकारियों ने क्या कदम उठाए?

बढ़ते सुसाइड केस को देखते हुए रक्षा मंत्री Israel Katz और पूर्व सेना प्रमुख Herzi Halevi ने एक विशेष कमेटी बनाई है. इस कमेटी ने तय किया है कि अगर किसी पूर्व सैनिक की आत्महत्या और उसकी सैन्य सेवा के बीच संबंध पाया जाता है, तो सेना उनके परिवार को शुरुआती सहायता प्रदान करेगी. सैन्य अधिकारियों ने माना है कि 2026 का साल मनोवैज्ञानिक रूप से सबसे कठिन हो सकता है क्योंकि कई सैनिक समय पर इलाज नहीं ले पा रहे हैं.