इज़राइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। 12 अप्रैल 2026 को वह दर्जनों यहूदी बसने वालों के साथ अल-अक्सा मस्जिद परिसर में घुस गए। इस घटना के बाद फिलिस्तीन और जॉर्डन की सरकारों ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।

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Ben-Gvir ने क्या किया और क्यों हो रहा है विवाद?

Itamar Ben-Gvir और उनके साथ आए लोगों ने मस्जिद परिसर के आंगन में ‘तालमुडिक प्रार्थनाएं’ कीं। पुराने नियमों के मुताबिक, इस जगह की देखरेख जॉर्डन की धार्मिक संस्था (Waqf) करती है और यहाँ सिर्फ मुसलमान नमाज़ पढ़ सकते हैं। गैर-मुसलमान सिर्फ घूमने आ सकते हैं, लेकिन प्रार्थना करना मना है। Ben-Gvir ने वहां कहा कि वह खुद को वहां का मालिक महसूस कर रहे हैं। यह एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार हुआ है जब उन्होंने ऐसा किया।

फिलिस्तीन और जॉर्डन की सरकारों की प्रतिक्रिया

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति कार्यालय और जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम को पवित्र स्थल की मर्यादा का अपमान बताया। उन्होंने इसे एक खतरनाक उकसावा करार दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल देने की मांग की। हमास ने भी इस पर कहा कि इज़राइल अब मस्जिद परिसर पर पूरी तरह कब्जा करना चाहता है और उसे यहूदी स्थल बनाना चाहता है।

सुरक्षा और मौजूदा हालात

इज़राइली पुलिस ने Ben-Gvir और उनके साथियों को भारी सुरक्षा दी, जबकि फिलिस्तीनी नमाजियों के लिए सख्त पाबंदियां लगा दी गईं। पुलिस ने कई लोगों के पहचान पत्र जब्त कर लिए ताकि वे अंदर न जा सकें। यह भी सामने आया कि ईरान के साथ युद्ध की स्थिति के कारण पिछले 38 दिनों से मस्जिद और चर्च ऑफ द होली सेपल्चर को बंद रखा गया था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.