इसराइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir अपने जन्मदिन के जश्न को लेकर दुनिया भर में विवादों में घिर गए हैं. उन्होंने अपने 50वें जन्मदिन पर ऐसे केक काटे जिन पर फांसी के फंदे बने हुए थे. इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है क्योंकि इसे फिलिस्तीनी कैदियों को मौत की सजा देने के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है.

इसराइल में मौत की सजा का नया कानून क्या है

इसराइल की संसद (Knesset) ने 30 मार्च 2026 को एक विवादास्पद कानून पास किया था. इस कानून के तहत आतंकवाद के आरोपों में दोषी पाए जाने वाले फिलिस्तीनी कैदियों को मौत की सजा दी जा सकती है. संसद में इस कानून के पक्ष में 62 सदस्यों ने और विरोध में 48 सदस्यों ने वोट दिया था. नियम के मुताबिक, सजा पक्की होने के 90 दिनों के भीतर फांसी दी जाएगी. Ben-Gvir और उनकी पार्टी Otzma Yehudit काफी समय से इस कानून की मांग कर रहे थे.

UN और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवाधिकार प्रमुख Volker Turk ने इस जन्मदिन केक को बेहद शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा कि मौत की सजा का जश्न मनाना घृणित है और इसराइल सरकार को इस भेदभावपूर्ण कानून को तुरंत वापस लेना चाहिए. वहीं इसराइल के पूर्व प्रधानमंत्री Naftali Bennett ने भी इस पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि जो सरकारी अधिकारी अपने पद का राजनीतिक इस्तेमाल करते हैं उन्हें तुरंत नौकरी से हटा देना चाहिए. मानव अधिकार संगठनों ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि ऐसी बातें समाज में नफरत बढ़ाती हैं.

कानून को लेकर कानूनी चुनौती

इस नए कानून को लेकर अब कोर्ट में लड़ाई शुरू हो गई है. ‘Association of Civil Rights in Israel’ ने देश की सबसे बड़ी अदालत में याचिका दायर की है. इस संस्था का कहना है कि यह कानून केवल फिलिस्तीनियों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है और यह कानूनी रूप से गलत है. Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, Ben-Gvir ने एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें उन्होंने फांसी के फंदों के अपने सपने के बारे में बात की है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Itamar Ben-Gvir कौन हैं और विवाद क्यों हुआ

Itamar Ben-Gvir इसराइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर हैं. विवाद उनके 50वें जन्मदिन पर फांसी के फंदे वाले केक काटने और फिलिस्तीनी कैदियों के लिए मौत की सजा का समर्थन करने के कारण हुआ है.

इसराइल के नए मृत्युदंड कानून की मुख्य बातें क्या हैं

यह कानून 30 मार्च 2026 को पास हुआ था. इसमें आतंकवाद के दोषी फिलिस्तीनियों को फांसी की सजा देने का प्रावधान है, जिसे सजा की पुष्टि के 90 दिनों के भीतर लागू करना होगा.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.