इसराइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका बहुत नादान है अगर वह यह सोचता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ देगा। उन्होंने साफ़ संकेत दिया कि अपनी सुरक्षा के लिए इसराइल अकेले भी कदम उठा सकता है।

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Ben-Gvir ने 22 और 23 जून 2026 को चैनल 7 को दिए इंटरव्यू में कहा कि इसराइल किसी भी ऐसे समझौते से बंधा नहीं है जो अमेरिका और ईरान के बीच हुआ हो। उन्होंने 15 जून को अपने टेलीग्राम चैनल पर यह बात साफ की कि ट्रंप का समझौता इसराइल पर लागू नहीं होता क्योंकि वे इस डील का हिस्सा नहीं हैं और इससे उनकी सुरक्षा पक्की नहीं होती।

लेबनान के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि वहां कोई कमजोर सीजफायर डील नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसराइल को ऐसी डील खारिज करनी चाहिए जिससे निर्णायक जीत न मिले। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लेबनान आतंकवाद का अड्डा बना रहा, तो बेरूत को इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।

यह पूरा विवाद उस समय सामने आया जब अमेरिका और इसराइल के बीच लेबनान में मिलिट्री ऑपरेशन को लेकर मतभेद बढ़ गए। बता दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हुआ था, जिसके बाद 8 अप्रैल को इस्लामाबाद की मदद से सीजफायर हुआ। इसके बाद 17 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने शांति के लिए एक समझौता साइन किया था, जिसमें परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों को बाद में सुलझाने की बात कही गई थी।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इन बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने 19 जून 2026 को आरोप लगाया कि इसराइल दुनिया में हमेशा के लिए युद्ध चाहता है और उनकी सोच पूरी मानवता के लिए खतरा है।