इस्राइल और लेबनान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इस्राइली वित्त मंत्री बेज़ेल स्मोट्रिच ने 23 मार्च 2026 को एक रेडियो कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस्राइल को दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों को अपने कब्जे में ले लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस्राइल की नई सीमा लितानी नदी तक होनी चाहिए। इस बयान के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है क्योंकि इस्राइली सेना ने सीमावर्ती गांवों में बमबारी और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है।

ℹ: Saudi Arabia News: सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में घुसे 8 ड्रोन, सुरक्षा बलों ने हवा में ही मार गिराया

लेबनान में इस्राइली हमले से क्या क्या हुआ नुकसान?

23 मार्च को इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने हमले तेज कर दिए। इस दौरान लितानी नदी पर बने अल-काकैया, अल-कास्मिया और अल-दालाफी जैसे महत्वपूर्ण पुलों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि इन पुलों को तोड़ने का मकसद दक्षिणी लेबनान का संपर्क बाकी देश से पूरी तरह काटना है। इस ताजा हमले में 3 लोगों की जान चली गई और 7 अन्य घायल हुए हैं। 2 मार्च से चल रही इस सैन्य कार्रवाई में अब तक 1000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

इस विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारियां क्या हैं?

  • विस्थापन: लेबनान के सामाजिक मामलों के मंत्री के अनुसार अब तक 11.6 लाख से ज्यादा लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
  • बॉर्डर का विस्तार: इस्राइली मंत्री स्मोट्रिच चाहते हैं कि सैन्य अभियान के बाद इस्राइल की सीमाएं बदल दी जाएं।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र और ह्यूमन राइट्स वॉच ने रिहायशी घरों और पुलों को नष्ट करने की कार्रवाई को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखने की चेतावनी दी है।
  • रक्षा मंत्रालय का रुख: इस्राइली रक्षा मंत्री काट्ज़ ने भी संकेत दिए हैं कि अगर हिजबुल्लाह पीछे नहीं हटा तो लेबनान को अपनी जमीन से हाथ धोना पड़ सकता है।

प्रमुख आंकड़े और वर्तमान स्थिति

नीचे दी गई तालिका 23 मार्च 2026 तक की स्थिति को स्पष्ट करती है।

विवरण जानकारी
विस्थापित लोगों की संख्या 11 लाख 60 हजार से अधिक
हमले का मुख्य क्षेत्र लितानी नदी के दक्षिण का इलाका
नष्ट किए गए बुनियादी ढांचे पुल, सड़कें और रिहायशी घर
इस्राइल की नई मांग लितानी नदी तक कब्जा और सीमा विस्तार
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.