इजरायल ने अपने मिसाइल डिफेंस सिस्टम की जांच शुरू की है क्योंकि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें डिमोना और नेगेव रेगिस्तान के पास के शहरों पर गिरने में सफल रहीं। इजरायली सेना का कहना है कि उनके सिस्टम की सफलता दर 92 प्रतिशत है लेकिन यह पूरी तरह अभेद्य नहीं है। हालिया हमलों के बाद इजरायल ने अमेरिका से और ज्यादा हथियारों और इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग की है ताकि भविष्य के खतरों से निपटा जा सके।

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ईरान के हमले में क्या नुकसान हुआ और सुरक्षा में कहां चूक हुई?

शनिवार रात को ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलें डिमोना और अराद के रिहायशी इलाकों में गिरीं। यह इलाका इजरायल के परमाणु अनुसंधान केंद्र के काफी करीब है। इन हमलों में करीब 175 से 200 लोग घायल हुए हैं जिनमें से 11 की हालत गंभीर है। इजरायली सेना ने इन मिसाइलों को रोकने की कोशिश की थी लेकिन David’s Sling जैसा सिस्टम इन्हें रोकने में नाकाम रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम बैलिस्टिक खतरों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं था क्योंकि इसे शुरुआत में भारी रॉकेट और क्रूज मिसाइलों के लिए बनाया गया था।

इजरायल और अमेरिका के बीच हथियारों को लेकर क्या स्थिति है?

इजरायल ने अमेरिका को सूचित किया है कि उनके पास मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर का स्टॉक कम हो रहा है। इसके बाद इजरायल के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने वाशिंगटन की यात्रा की और नए हथियारों की मांग रखी। अमेरिका ने आपातकालीन स्थिति में 151.8 मिलियन डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है। इसके साथ ही अमेरिकी रक्षा विभाग ने अपने हथियारों के भंडार को फिर से भरने के लिए बड़े बजट की मांग की है ताकि ईरान के साथ चल रहे इस संघर्ष में सहायता जारी रखी जा सके।

विवरण जानकारी
हमले की तारीख 21 मार्च 2026
प्रभावित शहर डिमोना और अराद
कुल घायल 175 से 200 लोग
हथियार बिक्री मंजूरी 151.8 मिलियन डॉलर
दावा की गई सफलता दर 92 प्रतिशत
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.