Israel National Day: गाज़ा में घर गिराने वाले रब्बी Avraham Zarbiv को मिला मशाल जलाने का मौका, दुनिया भर में बढ़ा विवाद

इसराइल के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहाँ सरकार ने Rabbi Avraham Zarbiv को मशाल जलाने के लिए चुना है, जिन्होंने गाज़ा में फिलिस्तीनियों के घरों को ढहाते हुए अपने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए थे। इस फैसले के बाद मानवाधिकार संगठनों और दुनिया भर में उनकी कड़ी आलोचना हो रही है।

कौन हैं Rabbi Avraham Zarbiv और क्यों हो रहा है विवाद?

Avraham Zarbiv एक रब्बी, स्टेट जज और सेना के रिजर्व सैनिक हैं। उन्होंने गाज़ा और दक्षिणी लेबनान में D9 बख्तरबंद बुलडोजर चलाकर घरों को गिराने के वीडियो बनाए थे और उन दौरान धार्मिक मंत्र पढ़े थे। इस वजह से हिब्रू भाषा में उनके नाम ‘Zarbiv’ का इस्तेमाल अब तबाही के लिए एक स्लैंग की तरह होने लगा है। जनवरी 2025 में उन्होंने मीडिया में दावा किया था कि वह हर हफ्ते 50 इमारतों को गिरा रहे हैं और रफाह का अब नामोनिशान नहीं बचेगा।

इसराइल सरकार और सेना ने इस चुनाव पर क्या कहा?

परिवहन मंत्री Miri Regev ने इस चुनाव का बचाव करते हुए कहा कि Zarbiv का रब्बी और सैनिक दोनों होना ‘किताब और तलवार’ के बीच के संबंध को दिखाता है। दूसरी तरफ, इसराइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया है। IDF प्रवक्ता Brig. Gen. Effie Defrin ने साफ किया कि Zarbiv का चयन सेना के समन्वय से नहीं किया गया है और वह वहां सेना के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल नहीं हो रहे हैं।

मानवाधिकार संगठनों और कोर्ट की क्या राय है?

B’tselem और The Hind Rajab Foundation जैसे संगठनों ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। B’tselem का कहना है कि यह दुनिया को यह संदेश देता है कि इसराइल में युद्ध अपराधों और जातीय सफाई को देश की भावना माना जा रहा है। Hind Rajab Foundation के सह-संस्थापक Dyab Abou Jahjah ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय अपराधों का दोषी बताया है। इससे पहले एक न्यायिक watchdog, कमिश्नर Asher Kula ने भी रब्बी Zarbiv को चरमपंथी बयानों के कारण जज की आचार संहिता का उल्लंघन करने वाला पाया था।