इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ़ कर दिया है कि उनका देश ईरान के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में युद्धविराम को लेकर बातचीत चल रही है। इस खबर से पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।

युद्धविराम और बातचीत की क्या स्थिति है?

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 से दो हफ्ते का अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था। इस दौरान पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत हो रही है, जिसमें ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और संसद स्पीकर Ghalibaf शामिल हुए हैं। हालांकि, Netanyahu ने कहा है कि इज़राइल के कुछ लक्ष्य अभी बाकी हैं और वह किसी भी समय दोबारा हमला कर सकता है।

लेबनान और Hezbollah पर क्या फैसला हुआ?

Netanyahu ने 10 अप्रैल को साफ़ किया कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है। इज़राइल वहां मौजूद ईरान समर्थित Hezbollah लड़ाकों पर हमले जारी रखेगा। इसके साथ ही, उन्होंने लेबनान के साथ सीधी बातचीत की अनुमति दी है ताकि Hezbollah को निशस्त्र किया जा सके और दोनों देशों के बीच संबंध बनाए जा सकें।

ईरान और अमेरिका का क्या कहना है?

ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने कहा कि वे युद्ध नहीं बल्कि मुआवज़ा चाहते हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि Strait of Hormuz जल्द ही फिर से खुल सकता है। ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने Netanyahu को कूटनीति खत्म करने की छूट दी, तो यह वॉशिंगटन का अपना फैसला होगा।

मुख्य बिंदु विवरण
युद्धविराम की तारीख 8 अप्रैल 2026
बातचीत का स्थान पाकिस्तान
मुख्य बयान इज़राइल ईरान से लड़ता रहेगा
लेबनान की स्थिति कोई युद्धविराम नहीं
ईरान की मांग मुआवज़ा
Trump का बयान Strait of Hormuz जल्द खुलेगा
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.