इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक बार फिर दुनिया को चेतावनी दी है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने देंगे। उन्होंने साफ कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री हैं, ईरान परमाणु बम नहीं बना पाएगा। इस बड़े मिशन में इसराइल और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच पूरी सहमति बनी हुई है।
नेतन्याहू का 30 साल पुराना संकल्प
प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने बताया कि वह पिछले तीन दशकों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। उनका मानना है कि उनकी इसी कड़ी मेहनत की वजह से ईरान अब तक परमाणु बम विकसित नहीं कर पाया है, जो इसराइल के अस्तित्व के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता था।
अमेरिका के साथ तालमेल और संभावित डील
इस मामले में डोनाल्ड ट्रम्प और नेतन्याहू एक ही राह पर हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के साथ एक समझौते को लेकर उम्मीद जताई है। खबरों के मुताबिक, एक MOU यानी समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि नई बातचीत शुरू हो सके। ट्रम्प ने यहाँ तक दावा किया कि ईरान ने कभी परमाणु हथियार न रखने पर सहमति जताई है जिससे युद्ध खत्म हो सकता है। इस प्रस्तावित योजना में युद्धविराम की अवधि बढ़ाना और सामरिक Strait of Hormuz को फिर से खोलना शामिल है।
ईरान का अपना पक्ष और शर्तें
दूसरी ओर, ईरान के अधिकारियों ने किसी भी अंतिम समझौते की बात से इनकार किया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान यूरेनियम समृद्ध करने के अपने अधिकार पर अड़ा रहेगा। साथ ही ईरान ने साफ किया है कि उसका मिसाइल प्रोग्राम और अन्य समूहों को दिया जाने वाला समर्थन अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत का हिस्सा नहीं होगा। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह स्वीकार किया कि MOU के कई महत्वपूर्ण हिस्से पूरे होने के करीब हैं।
इसराइल ने रखीं कड़ी शर्तें
Benjamin Netanyahu ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अंतिम समझौता तभी होगा जब उसमें ईरान के समृद्ध यूरेनियम को हटाने और उसके परमाणु केंद्रों को पूरी तरह नष्ट करने की बात होगी। इसके अलावा, इसराइल ने मिसाइल उत्पादन पर सीमा लगाने और क्षेत्रीय आतंकवादी समूहों की मदद बंद करने की शर्त रखी है।
