इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ईरान को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ़ कहा कि ईरान के साथ जंग अभी खत्म नहीं हुई है और इसराइल उसे किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। उन्होंने यह बात Hatzerim Air Force Base पर IDF के 192वें पायलट कोर्स के ग्रेजुएशन प्रोग्राम के दौरान कही।
हथियारों के लिए अब दूसरों पर निर्भर नहीं रहेगा इसराइल
प्रधानमंत्री Netanyahu ने बताया कि अब इसराइल अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए ‘हथियारों की आत्मनिर्भरता’ की ओर बढ़ेगा। इसका मतलब है कि अब देश के अंदर ही ज़्यादा आधुनिक हथियार बनाए जाएंगे ताकि दूसरे देशों से खरीदारी पर निर्भरता कम हो सके। इस काम के लिए अगले 10 साल के रक्षा बजट में 350 बिलियन शेकेल (करीब 116 बिलियन अमेरिकी डॉलर) और जोड़े जाएंगे। इस भारी भरकम रकम का बड़ा हिस्सा एयर फोर्स और हथियार बनाने वाली इंडस्ट्री पर खर्च किया जाएगा।
ईरान के खिलाफ बड़े ऑपरेशंस का ज़िक्र
Netanyahu ने पिछले एक साल में ईरान के खिलाफ किए गए दो सफल ऑपरेशंस की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन हमलों से ईरान की आतंकी सरकार को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। उन्होंने दावा किया कि ‘Operation Roaring Lion’ के ज़रिए ईरान के परमाणु प्रोग्राम को काफी पीछे धकेल दिया गया है। साथ ही, उन्होंने 8 जुलाई 2026 को यह भी कहा कि ईरान के पास केमिकल हथियार मौजूद हैं।
मिलिट्री चीफ और रक्षा मंत्री भी रहे अलर्ट
इसराइल के मिलिट्री चीफ Eyal Zamir और रक्षा मंत्री Israel Katz ने भी इस बात की पुष्टि की कि उनकी सेना किसी भी संभावित कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए हवाई ताकत को बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। दूसरी तरफ, ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों से जुड़े सभी आरोपों को हमेशा की तरह नकारा है।
