इसराइल का ईरान पर जोरदार हमला, नेतन्याहू बोले शासन को करेंगे खत्म, ट्रंप ने भी दिया बड़ा अल्टीमेटम
इसराइल और ईरान के बीच जंग अब और भी तेज होती दिख रही है। इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने घोषणा की है कि उनकी सेना ईरान के शासन को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी ताकत से हमला जारी रखेगी। इस बीच ईरान में आम लोगों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की गई है, जिसमें उन्हें रेलवे लाइनों और ट्रेनों से दूर रहने को कहा गया है। अमेरिका ने भी इस मामले में अपना रुख साफ कर दिया है और आने वाले घंटों में भारी बमबारी के संकेत दिए हैं।
ईरान में रेलवे लाइनों पर हमले का खतरा और चेतावनी
इसराइली सेना ने ईरान के लोगों को मंगलवार 7 अप्रैल 2026 को सुबह 8:50 बजे से रात 9:00 बजे तक रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। सेना के मुताबिक इन रास्तों पर बमबारी का गंभीर खतरा बना हुआ है। इसके साथ ही पिछले 24 घंटों में ईरान के कई ठिकानों पर बड़े हमले हुए हैं।
- खुर्रमाबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमले की जानकारी मिली है।
- शिराज में एक पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया गया है।
- उत्तर-पश्चिमी ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट को तबाह किया गया है।
- तेहरान में IRGC के ठिकाने पर 30,000 पाउंड का बंकर बस्टर बम गिराया गया है।
ट्रंप का अल्टीमेटम और नेतन्याहू की रणनीति
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz को नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली घरों और पुलों को उड़ा दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान को एक ही रात में पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। इधर Netanyahu ने अमेरिका से अपील की है कि वे ईरान के साथ किसी भी तरह के युद्धविराम यानी सीजफायर पर बात न करें। नेतन्याहू का मानना है कि ईरान के स्टील उत्पादन की 70% क्षमता को इसराइल पहले ही खत्म कर चुका है और अब वे पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
मौजूदा हालात की मुख्य जानकारी
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| तारीख और समय | 7 अप्रैल 2026, सुबह से हमले जारी |
| प्रमुख टारगेट | रेलवे, स्टील प्लांट, मिसाइल साइट और IRGC कंपाउंड |
| अमेरिकी भूमिका | B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया गया |
| इसराइल का दावा | ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान |




