इसराइल की संसद (Knesset) ने 7 अक्टूबर 2023 के हमलों में शामिल फिलिस्तीनियों के लिए एक बहुत ही सख्त कानून पास किया है। अब इन आरोपियों के लिए मौत की सज़ा का प्रावधान किया गया है और उनके मुकदमों की सुनवाई खुलेआम होगी। इस फैसले के बाद मानवाधिकार संस्थाओं ने चिंता जताई है कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं होगी।
इसराइल के नए कानून की मुख्य बातें क्या हैं?
यह कानून 11 या 12 मई 2026 को पास हुआ, जिसमें 93 सांसदों ने इसके समर्थन में वोट दिया और किसी ने विरोध नहीं किया। इस कानून के तहत कुछ खास नियम बनाए गए हैं:
- विशेष कोर्ट: हमलों के आरोपियों की सुनवाई के लिए एक अलग मिलिट्री ज्यूडिशियल सिस्टम बनाया गया है।
- मौत की सज़ा: गंभीर मामलों में कोर्ट अब मौत की सज़ा सुना सकता है।
- खुली सुनवाई: सभी ट्रायल यरूशलेम में होंगे और इन्हें टीवी या अन्य माध्यमों से लाइव दिखाया जाएगा।
- कोई रिहाई नहीं: इस कानून के तहत दोषी पाए गए लोगों को किसी भी कैदी अदला-बदली (Prisoner Exchange) डील में रिहा नहीं किया जाएगा। उन्हें या तो उम्रकैद होगी या मौत की सज़ा।
- नियमों में बदलाव: कोर्ट को सबूतों और कानूनी प्रक्रियाओं के सामान्य नियमों से हटकर फैसला लेने की इजाज़त होगी। मौत की सज़ा के लिए अब 5 के बजाय सिर्फ 3 जजों का पैनल होगा और साधारण बहुमत से फैसला लिया जा सकेगा।
सरकारी अधिकारियों और मानवाधिकार संस्थाओं का क्या कहना है?
इस कानून को लेकर सरकार और मानवाधिकार संगठनों के बीच अलग-अलग राय है। इसराइल के न्याय मंत्री Yariv Levin ने इसे वर्तमान संसद के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इससे आतंकवादियों और उनके साथियों को कड़ी सज़ा और मौत की सज़ा सुनिश्चित होगी। इस बिल को सिमचा रोथमन (Simcha Rothman) और यूलिया मालिनोवस्की (Yulia Malinovsky) ने मिलकर पेश किया था।
दूसरी तरफ, Human Rights Watch, Amnesty International और Adalah जैसे बड़े मानवाधिकार संगठनों ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। इन संस्थाओं का कहना है कि इस कानून की वजह से “शो ट्रायल” (दिखावे की सुनवाई) हो सकते हैं। उनका आरोप है कि आरोपियों से जबरन कबूलनामा लिया जा सकता है और उन्हें बुनियादी कानूनी सुरक्षा नहीं मिलेगी, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल ने यह नया कानून कब पास किया?
इसराइल की संसद (Knesset) ने यह कानून 11 या 12 मई 2026 को पास किया, जिसमें 93 सांसदों ने इसके पक्ष में वोट दिया।
नए कानून के तहत ट्रायल की प्रक्रिया कैसे होगी?
ट्रायल यरूशलेम में सार्वजनिक रूप से होंगे और इन्हें ब्रॉडकास्ट किया जाएगा। कोर्ट को सबूतों के सामान्य नियमों को बदलने की छूट होगी और 3 जजों का पैनल फैसला सुनाएगा।
