northern Israel में एक बार फिर सायरन बजने से लोग डर गए। यह घटना 27 अप्रैल 2026 को हुई जब हिजबुल्लाह ने ड्रोन के जरिए हमला किया। हालांकि इसराइली सेना ने तीन ड्रोन को सीमा में घुसने से पहले ही हवा में रोक लिया, लेकिन इस तनाव के कारण दोनों तरफ भारी नुकसान हुआ है।
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इस हमले में कितना नुकसान हुआ और क्या हुआ था?
इसराइली सेना ने जानकारी दी कि हिजबुल्लाह ने लेबनान के अंदर तैनात इसराइली सैनिकों और उन्हें बचाने आई एक रेस्क्यू टीम पर हमला किया था। इस घटना में एक इसराइली सैनिक की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। वहीं, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इसराइल की तरफ से किए गए हमलों में रविवार को 14 लोग मारे गए और 37 घायल हुए, जिनमें दो बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल थीं।
सीजफायर के बीच फिर युद्ध जैसी स्थिति क्यों बनी?
अमेरिका की मध्यस्थता से 16 अप्रैल को एक सीजफायर लागू हुआ था, जिसे मई के मध्य तक बढ़ाया गया था। इस समझौते के बाद हमलों में कमी आई थी, लेकिन अब फिर से गोलाबारी शुरू हो गई है। इसराइल ने लेबनान में लिटानी नदी के उत्तर और पश्चिम में स्थित सात कस्बों के लोगों को वहां से निकलने की चेतावनी दी है। इसराइल का आरोप है कि हिजबुल्लाह ने सीजफायर की शर्तों को तोड़ा है और वह इन उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
नेतनयाहू और हिजबुल्लाह का इस पर क्या कहना है?
प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि इसराइल की ये कार्रवाई उसकी सुरक्षा, सैनिकों और बस्तियों को बचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह सब अमेरिका और लेबनान के साथ तय किए गए नियमों के अनुसार हो रहा है। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने बयान जारी कर कहा कि जब तक इसराइल सीजफायर का उल्लंघन करता रहेगा, वे हमले जारी रखेंगे। समूह ने यह भी कहा कि वे अब कूटनीति या लेबनान के अधिकारियों पर भरोसा नहीं करेंगे क्योंकि वे देश की रक्षा करने में नाकाम रहे हैं।