कतर पर हमले के बाद इजरायल ने यमन की राजधानी सना और अल-जौफ प्रांत में हवाई हमले किए हैं। इस हमले में कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई और 131 लोग घायल हुए हैं। यह हमले आवासीय इलाकों, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों पर हुए। अभी कई लोग मलबे में फंसे हैं, इसलिए मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।

हूती विद्रोही गुट ने कहा कि उनकी वायु रक्षा ने कुछ इज़रायली विमानों को पीछे हटने पर मजबूर किया। इज़राइल की सेना ने हमले की पुष्टि की और कहा कि उसने हूती ठिकानों, सैन्य शिविरों और ईंधन स्टोरेज को निशाना बनाया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कार्रवाई इज़राइल पर हाल ही में हुए हूती ड्रोन हमले के जवाब में की गई है।

हूती गुट का कहना है कि वे तब तक इज़राइल पर हमले जारी रखेंगे जब तक गाज़ा में युद्ध बंद नहीं होता। गुट ने लाल सागर से होकर जाने वाले इज़राइल से जुड़े जहाजों पर नाकाबंदी भी लगा रखी है। पिछले महीने इज़राइल ने यमन के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की हत्या भी की थी। गाज़ा में 23 महीने से जारी इज़राइल के हमलों में अब तक 64,000 से ज़्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।

Vandana Upadhyay

4 वर्ष तक देश के बड़े अखबारी प्रकाशनो में काम करने के उपरांत मैं अब GulfHindi में अपनी सेवा दे रही हूँ। उम्मीद हैं मेरी लेखनी आप सब को खबरों से सही और सटीक रूबरू कराएगी.