इजरायल में सियासी हलचल, विपक्षी नेता ने कहा सेना बिखरने की कगार पर, नेतन्याहू सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इजरायल के विपक्षी नेता Yair Lapid ने प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 27 मार्च 2026 को दिए एक बयान में कहा कि इजरायली सेना बिना किसी रणनीति के कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रही है। Lapid के अनुसार, सेना की हालत खराब हो रही है और वह टूटने की कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह बिना पर्याप्त सैनिकों और तैयारी के सेना को युद्ध के मैदान में झोंक रही है।
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इजरायली सेना के सामने क्या हैं बड़ी चुनौतियां?
IDF प्रमुख Lt. Gen. Eyal Zamir ने सुरक्षा कैबिनेट को चेतावनी दी है कि सेना में जवानों की भारी कमी हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना को अभी करीब 15,000 और जवानों की जरूरत है, जिसमें 8,000 लड़ाकू सैनिक शामिल हैं। रिजर्व सैनिक (Reservists) बुरी तरह थक चुके हैं क्योंकि उन्हें छठी या सातवीं बार युद्ध के लिए बुलाया जा रहा है। सेना फिलहाल ईरान, लेबनान, गाज़ा और वेस्ट बैंक जैसे कई मोर्चों पर एक साथ जुटी हुई है, जिससे उनकी ताकत कम हो रही है।
सरकार अब क्या बड़े फैसले लेने जा रही है?
प्रधानमंत्री Netanyahu ने इस संकट से निपटने के लिए सैन्य सेवा की अवधि बढ़ाने का संकेत दिया है। इसके अलावा अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (Haredi) समुदाय के लोगों को भी सेना में शामिल करने के लिए नए कानून पर काम चल रहा है।
- अनिवार्य सैन्य सेवा की अवधि को और बढ़ाया जाएगा।
- Passover की छुट्टियों के बाद अप्रैल के पहले हफ्ते में नया कानून आ सकता है।
- विपक्षी नेता Lapid ने मांग की है कि भर्ती से बचने वाले लोगों की सरकारी मदद तुरंत बंद होनी चाहिए।
- पूर्व प्रधानमंत्री Naftali Bennett ने भी सरकार की रणनीति की आलोचना की है।
- लेबनान में सुरक्षा घेरा बनाने के लिए और अधिक सैनिकों की मांग की गई है।
| क्षेत्र | मौजूदा स्थिति |
|---|---|
| Iran | मिसाइल हमलों और हवाई हमलों का सिलसिला जारी है |
| Lebanon | जमीनी हमले और नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश |
| Gaza | लगातार सैन्य अभियान और घेराबंदी जारी |
| West Bank | सुरक्षा बलों की तैनाती और ऑपरेशंस जारी |




