इज़रायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के अंसारिया गाँव में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहद ज़रूरी चेतावनी जारी की है। सेना की ओर से कहा गया है कि निवासी तुरंत अपने घरों को छोड़ दें और गाँव से कम से कम 1,000 मीटर यानी एक किलोमीटर की दूरी पर चले जाएँ। सेना के अरबी भाषा के प्रवक्ता कर्नल अविचाय अद्राई ने सोशल मीडिया पर इस आदेश की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि हिजबुल्लाह संगठन की सैन्य गतिविधियों की वजह से सेना को यह कड़ा रुख अपनाना पड़ रहा है।

सेना के आदेश में क्या सावधानियां बरतने को कहा गया है?

इज़रायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने अंसारिया गाँव के निवासियों के लिए कुछ विशेष निर्देश जारी किए हैं ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। सेना ने स्पष्ट किया है कि हिजबुल्लाह के ठिकानों के पास रुकना खतरे से खाली नहीं है। मुख्य निर्देश नीचे दिए गए हैं:

  • गाँव के सभी निवासी अपने घर तुरंत खाली कर दें।
  • गाँव की सीमा से कम से कम 1 किलोमीटर दूर सुरक्षित स्थान पर चले जाएँ।
  • हिजबुल्लाह के सदस्यों या उनके सैन्य उपकरणों के पास रहने वाले लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
  • सेना ने कहा है कि जब तक अगला आधिकारिक आदेश नहीं आता, तब तक कोई भी अपने घर वापस न लौटे।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और प्रवासियों पर असर

यह निकासी आदेश ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति काफी गंभीर हो गई है। लेबनान में अब तक 3 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं जो सुरक्षित ठिकानों की तलाश में उत्तर की ओर जा रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि सऊदी अरब के रियाद जैसे इलाकों में भी ड्रोन हमले की खबरें मिली हैं।

प्रमुख जानकारी विवरण
प्रभावित गाँव अंसारिया (दक्षिणी लेबनान)
सुरक्षित दूरी 1,000 मीटर (1 किमी)
आदेश देने वाला अधिकारी कर्नल अविचाय अद्राई (IDF)
मुख्य कारण हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियाँ
विस्थापित लोगों की संख्या 3,00,000 से अधिक