फिलिस्तीन में ‘कैदियों के दिन’ (Prisoners’ Day) के मौके पर माहौल काफी तनावपूर्ण रहा. इसराइल की जेलों में बंद 9,600 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की हालत खराब होने की खबरें आ रही हैं. इस बीच इसराइल सरकार ने एक नया कानून पास किया है जिससे अब कुछ खास मामलों में कैदियों को फांसी दी जा सकती है. इसे लेकर वेस्ट बैंक और गाजा में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

इसराइल का नया मृत्युदंड कानून क्या है?

इसराइल की संसद (Knesset) ने 30 मार्च 2026 को “Death Penalty for Terrorists Law” पास किया है. इस कानून के तहत आतंकवाद से जुड़े कुछ अपराधों के लिए फांसी की सजा दी जाएगी. नियम के मुताबिक, आखिरी फैसले के 90 दिनों के भीतर सजा पूरी करनी होगी. खास बात यह है कि यह कानून मुख्य रूप से फिलिस्तीनियों पर लागू होता है और इसमें इसराइली नागरिकों या निवासियों को शामिल नहीं किया गया है.

जेलों में कैदियों की क्या स्थिति है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर 2023 के बाद से इसराइली जेलों में फिलिस्तीनी कैदियों की संख्या में 83% की भारी बढ़ोतरी हुई है. जेलों के अंदर प्रताड़ना और इलाज न मिलने की वजह से 100 से ज्यादा कैदियों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा, करीब 350 फिलिस्तीनी छात्र भी जेल में बंद हैं. रेड क्रॉस (ICRC) को भी अक्टूबर 2023 से कैदियों से मिलने की इजाजत नहीं मिली है.

प्रमुख आंकड़े और जानकारी

विवरण जानकारी
कुल फिलिस्तीनी कैदी 9,600 से ज्यादा
जेल में बंद छात्र लगभग 350
मौत का आंकड़ा (अक्टूबर 2023 से) 100 से ज्यादा
नया कानून पास होने की तारीख 30 मार्च 2026
कैदियों की संख्या में बढ़ोतरी 83%
फांसी की समय सीमा फैसले के 90 दिन के भीतर
रेड क्रॉस की पहुंच अक्टूबर 2023 से बंद
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.