दुनिया के कई देशों ने इज़रायली पासपोर्ट रखने वाले लोगों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव की वजह से ईरान, पाकिस्तान, सऊदी अरब और मलेशिया जैसे देशों ने कड़े नियम लागू किए हैं। इन पाबंदियों का असर पर्यटन, बिजनेस ट्रैवल और आम लोगों की आवाजाही पर पड़ रहा है। हाल के घटनाक्रमों के बाद कई देशों ने अपने एयरस्पेस भी बंद कर दिए हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और वैश्विक आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा है।

किन देशों में इज़रायली पासपोर्ट पर पाबंदी लागू है?

दुनिया के लगभग 15 से ज्यादा देश ऐसे हैं जो इज़रायली पासपोर्ट को स्वीकार नहीं करते हैं। इनमें से कई देश उन यात्रियों को भी एंट्री नहीं देते जिनके पासपोर्ट पर इज़रायल की यात्रा का कोई भी निशान या स्टैम्प होता है। प्रमुख देशों की जानकारी नीचे दी गई है:

देश का नाम नियम और स्थिति
पाकिस्तान पासपोर्ट पर साफ लिखा है कि यह इज़रायल की यात्रा के लिए मान्य नहीं है
मालदीव जून 2024 में घोषणा के बाद अप्रैल 2025 से पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई
मलेशिया गृह मंत्रालय की लिखित अनुमति के बिना प्रवेश वर्जित है
ईरान इज़रायली नागरिकों और वहां की यात्रा करने वालों पर सख्त रोक है
सऊदी अरब बिना विशेष अनुमति के इज़रायली नागरिकों का प्रवेश वर्जित है
अन्य देश अल्जीरिया, बांग्लादेश, कुवैत, लेबनान, लीबिया, सीरिया और यमन

हालिया घटनाक्रम और एयरस्पेस को लेकर क्या अपडेट है?

क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए मार्च 2026 में ईरान, इज़रायल, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर जैसे देशों ने अपने एयरस्पेस को आंशिक या पूरी तरह से बंद कर दिया है। यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है। वहीं कनाडा जैसे देशों ने अपने नागरिकों को इज़रायल की यात्रा न करने की सलाह दी है। इज़रायल की सरकार ने भी अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।

  • मालदीव ने अप्रैल 2026 में अपने इमिग्रेशन कानून में बदलाव कर पाबंदी को कानूनी रूप दिया है।
  • इज़रायल ने दोहरी नागरिकता वाले अपने लोगों को सितंबर 2026 तक विदेशी पासपोर्ट पर सफर करने की छूट दी है।
  • 1 जनवरी 2025 से इज़रायल आने वाले यात्रियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA-IL) जरूरी कर दिया गया है।
  • विदेशी कामगारों के री-एंट्री वीजा की समय सीमा को अप्रैल 2026 तक के लिए आगे बढ़ाया गया है।