इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट में गवाही एक बार फिर टल गई है। उनके वकीलों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कोर्ट से समय मांगा था। पहले यह सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को होनी थी, लेकिन अब इसकी कोई नई तारीख तय नहीं की गई है।
नेतन्याहू की कोर्ट पेशी क्यों टली और क्या है पूरा मामला?
Netanyahu के कानूनी टीम के प्रतिनिधि Amit Hadad ने कोर्ट को बताया कि कुछ गोपनीय सुरक्षा और डिप्लोमैटिक कारणों से प्रधानमंत्री पेश नहीं हो सकते। यह सारी जानकारी कोर्ट को एक बंद लिफाफे में सौंपी गई है। इससे पहले ईरान के साथ चल रहे संघर्ष की वजह से सुनवाई में दो महीने का ब्रेक लगा था। अब उनके डिफेंस टीम ने मेमोरेंडम जमा कर बताया कि वह कम से कम दो हफ्ते तक कोर्ट नहीं आ पाएंगे।
किन आरोपों का सामना कर रहे हैं Benjamin Netanyahu?
उन पर तीन मुख्य मामलों में रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप लगे हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
- Case 1000: इसमें उन पर व्यापारियों से महंगे और शानदार तोहफे लेने का आरोप है।
- Case 2000: इसमें एक अखबार के प्रकाशक के साथ मीडिया कवरेज के लिए गुप्त डील करने का मामला है।
- Case 4000: यह सबसे गंभीर मामला है, जिसमें Bezeq टेलीकॉम कंपनी को फायदा पहुँचाने के बदले Walla न्यूज़ साइट पर सकारात्मक खबरें चलाने का आरोप है।
कोर्ट का क्या फैसला रहा और विरोध किसने किया?
Jerusalem District Court के जजों ने सुरक्षा कारणों को देखते हुए इस देरी को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने फैसला किया कि अब नेतन्याहू की जगह Ilanit Filber की गवाही ली जाएगी। हालांकि, सरकारी वकील (Prosecution) ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया। उनका तर्क था कि इस ट्रायल को जल्द पूरा करना जनता के हित में है और नेतन्याहू को अपना शेड्यूल बदल कर कोर्ट आना चाहिए था।