इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने लेबनान के साथ शांति समझौते को लेकर अपनी बात रखी है. शनिवार को एक टीवी संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी समझौता ऐसा होना चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहे. उन्होंने साफ़ किया कि इज़राइल केवल स्थायी और मज़बूत शांति चाहता है.

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नेतन्याहू ने शांति वार्ता के लिए क्या शर्तें रखीं?

प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने शांति वार्ता को मंजूरी तो दे दी है, लेकिन उन्होंने इसके लिए दो मुख्य शर्तें रखी हैं. पहली शर्त यह है कि Hezbollah के पास मौजूद सभी हथियारों का पूरी तरह से खात्मा होना चाहिए. दूसरी शर्त एक ऐसा वास्तविक शांति समझौता है जो लंबे समय तक कायम रहे और जिससे आने वाली पीढ़ियां भी सुरक्षित रहें.

लेबनान की तरफ से क्या पहल हुई?

नेतन्याहू ने अपने संबोधन में बताया कि पिछले एक महीने के दौरान लेबनान ने कई बार सीधे शांति वार्ता शुरू करने के लिए संपर्क किया है. इसराइल का मानना है कि केवल कागज़ी समझौता काफी नहीं है, बल्कि एक ऐसा मज़बूत करार होना चाहिए जो पीढ़ियों तक टिके.