इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने दक्षिणी लेबनान में ‘सुरक्षा बफर जोन’ के विस्तार का आधिकारिक आदेश जारी किया है। 29 मार्च 2026 को दिए इस आदेश का मुख्य उद्देश्य सीमा पर होने वाले मिसाइल हमलों को रोकना और घुसपैठ के खतरे को पूरी तरह खत्म करना है। इजरायली सेना अब लेबनान के अंदर और गहराई तक अपने पैर जमाने की तैयारी में है, जिससे इस पूरे सीमावर्ती इलाके की सुरक्षा स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी।

इस नए सुरक्षा घेरे और इजरायल की योजना के बारे में मुख्य बातें क्या हैं?

इजरायली सरकार ने इस अभियान को लेकर बेहद कड़े रुख के संकेत दिए हैं। रक्षा मंत्री Israel Katz ने सेना को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा क्षेत्र में आने वाले घरों को तेजी से गिराया जाए ताकि वहां कोई भी छिपने की जगह न बचे।

  • प्रधानमंत्री Netanyahu के अनुसार इजरायल अब लेबनान, गाजा और सीरिया में तीन अलग-अलग सुरक्षा बेल्ट बनाएगा।
  • इजरायली सेना ने Litani River को अपनी उत्तरी सुरक्षा रेखा के रूप में तय किया है।
  • सेना के अधिकारियों का मानना है कि यह ऑपरेशन कई महीनों या उससे अधिक समय तक भी चल सकता है।
  • दक्षिणी लेबनान से विस्थापित हुए लोगों को तब तक लौटने की अनुमति नहीं मिलेगी जब तक उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।
  • इजरायल की Alpinist Unit और Division 162 जैसे सैन्य दस्ते अब लेबनान में बफर जोन बढ़ाने के काम में जुट गए हैं।

लेबनान में मौजूदा स्थिति और इस कार्रवाई का आम लोगों पर क्या असर हुआ?

इस सैन्य कार्रवाई के कारण लेबनान में हालात काफी गंभीर हो गए हैं। लेबनानी अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं और 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इजरायली वायुसेना ने Khiam शहर जैसे इलाकों में हवाई हमले भी किए हैं। इजरायली सेना की टुकड़ियां अब सीरियाई Golan Heights की तरफ से भी पहाड़ी इलाकों में खुफिया जानकारी जुटाने और सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए आगे बढ़ रही हैं। Hezbollah ने इन हमलों का विरोध करते हुए कहा है कि वह किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.