मिडिल ईस्ट में शांति की कोशिशों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सीजफायर के ऐलान के ठीक बाद इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़े तेवर दिखाए हैं. नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सेना किसी भी समय दोबारा पूरी ताकत के साथ जंग के मैदान में उतरने के लिए तैयार है. उन्होंने साफ कहा कि लेबनान में चल रहे सैन्य अभियान इस सीजफायर के दायरे में नहीं आते हैं और हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.

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सीजफायर समझौते और लेबनान हमले की पूरी जानकारी

7 अप्रैल 2026 को अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर की घोषणा की गई थी. हालांकि नेतन्याहू ने इस समझौते का समर्थन तो किया है, लेकिन उन्होंने हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया है. हाल ही में इसराइल ने लेबनान में लगभग 100 ठिकानों पर भीषण बमबारी की है, जिसे युद्ध की शुरुआत से अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है. इन हमलों में बेरुत के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों को निशाना बनाया गया है.

युद्ध से जुड़े अहम आंकड़े और मुख्य जानकारी

इस युद्ध की वजह से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है. प्रमुख जानकारी नीचे दी गई है:

विषय विवरण
कुल मौतें 2 मार्च से अब तक लगभग 1,500 लोग मारे गए
बच्चों की मौत करीब 129 बच्चों ने जान गंवाई
बेंजामिन नेतन्याहू युद्ध के लिए हर वक्त तैयार रहने की घोषणा की
डोनाल्ड ट्रंप 7 अप्रैल को दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया
विपक्ष का रुख यार लैपिड ने सीजफायर को कूटनीतिक आपदा बताया

गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह तनाव चिंता का विषय है. युद्ध की स्थिति बनी रहने से इंटरनेशनल उड़ानों के रूट बदल सकते हैं और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं. ईरान और हिजबुल्लाह ने भी चेतावनी दी है कि अगर इसराइली हमले जारी रहे तो वे तेल अवीव को निशाना बनाएंगे. फिलहाल इस क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों को सावधानी बरतने और आधिकारिक अपडेट्स पर नज़र रखने की ज़रूरत है.