सोशल मीडिया और कई जगह यह खबर तेजी से फैल रही थी कि ईरान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला किया है. इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने 15 मार्च 2026 को इन सभी दावों को पूरी तरह से फर्जी बताया है. आधिकारिक बयान में साफ किया गया है कि प्रधानमंत्री बिल्कुल सुरक्षित हैं और उनके व्यक्तिगत कमरे या ऑफिस पर कोई मिसाइल नहीं गिरी है. यरुशलम में मौजूद पत्रकारों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि सरकारी दफ्तर के आसपास हमले का कोई नामोनिशान नहीं है और वहां ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा है.
क्या आयरन डोम सिस्टम फेल हो गया?
दावों में कहा जा रहा था कि इजरायल का आयरन डोम सिस्टम फेल हो गया है, लेकिन सेना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ऐसा नहीं है. इजरायल का आयरन डोम, डेविड स्लिंग और एरो सिस्टम अभी भी 90 से 92 प्रतिशत मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर रहे हैं. 14 मार्च 2026 को ईरान ने मिसाइलों की 48वीं लहर दागी थी, जिसमें से ज्यादातर को सफलतापूर्वक रोक लिया गया. अमेरिका के सेंट्रल कमांड के मुताबिक, लगातार जवाबी कार्रवाई के कारण ईरान की मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता अब 92 प्रतिशत तक कम हो चुकी है.
ईरान के हमले में असल में क्या हुआ?
ईरान के हमले के दौरान यरुशलम, इलियट और मध्य इजरायल में सायरन जरूर बजे थे. इस दौरान एक ईरानी मिसाइल इलियट के पास एक खुले इलाके में गिरी. इसके टुकड़े लगने से आसपास की इमारतों को मामूली नुकसान पहुंचा और तीन लोगों को हल्की चोटें आईं. इसके अलावा यरुशलम में प्रधानमंत्री कार्यालय या किसी वीआईपी इलाके में मिसाइल गिरने का कोई सबूत नहीं मिला है. आम जनता की सुरक्षा के लिए होम फ्रंट कमांड ने मध्य और दक्षिणी इजरायल में बुधवार तक स्कूलों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों पर रोक लगा रखी है.
आधिकारिक बयान और जमीनी हकीकत
- इजरायल सेना (IDF): नया मिसाइल हमला हुआ था लेकिन डिफेंस सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है.
- प्रधानमंत्री कार्यालय: पीएम ऑफिस पर हमले की खबर फेक न्यूज है और नेतन्याहू सुरक्षित रूप से सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं.
- ईरान (IRGC): दावा किया गया कि 10वीं और 48वीं लहर में तेल अवीव और पीएम ऑफिस को नुकसान पहुंचाया गया, जिसे किसी ने प्रमाणित नहीं किया.
- अमेरिका (CENTCOM): 28 फरवरी के बाद से ईरान की हमला करने की ताकत काफी हद तक कमजोर हो चुकी है.