इसराइल में एक विवादित कानूनी फैसले के बाद माहौल गरमा गया है। यहाँ एक फिलिस्तीनी कैदी के साथ मारपीट के आरोपी पांच सैनिकों को कोर्ट ने बरी कर दिया। इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी घटना की जानकारी Al Jazeera English ने दी है।

सैनिकों को बरी करने का क्या कारण था?

इज़राइली मिलिट्री के मेजर जनरल Itay Offir ने इन पांच सैनिकों पर लगे आरोपों को आधिकारिक तौर पर हटा दिया। मिलिट्री का कहना है कि जो वीडियो लीक हुआ था, उसमें इतनी गंभीर मारपीट नहीं दिखी जिससे आपराधिक सजा दी जा सके। इसके अलावा, जिस फिलिस्तीनी कैदी के साथ दुर्व्यवहार हुआ था, उसे गाजा वापस भेज दिया गया था, जिससे उसका कोर्ट में गवाही देना मुमकिन नहीं था।

इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया आई?

प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि राज्य को अपने दुश्मनों का पीछा करना चाहिए, न कि अपने जांबाज सैनिकों का। वहीं, Public Committee Against Torture in Israel और Yesh Din जैसे मानवाधिकार संगठनों ने इसकी कड़ी आलोचना की। इन संगठनों का कहना है कि ऐसे फैसलों से सैनिकों को फिलिस्तीनियों के साथ दुर्व्यवहार करने की खुली छूट मिल जाती है।

यह पूरा मामला क्या है?

यह मामला Sde Teiman मिलिट्री जेल का है, जहाँ 2024 में पांच सैनिकों पर एक फिलिस्तीनी कैदी के साथ यौन शोषण और मारपीट के गंभीर आरोप लगे थे। 12 मार्च 2026 को मिलिट्री ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। इसी फैसले के खिलाफ 22 अप्रैल 2026 को प्रदर्शन हुए, जिसके बाद प्रशासन ने चार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.