इसराइल के तेल अवीव स्थित हबीमा स्क्वायर में शनिवार को भारी हंगामा हुआ. यहाँ सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए और ईरान के साथ चल रहे युद्ध का विरोध किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और युद्ध रोकने के लिए बैनर लेकर प्रदर्शन किया.
इसराइल में लोग सड़कों पर क्यों उतरे?
2 मई 2026 को हुए इस प्रदर्शन का आयोजन ‘मूवमेंट फॉर क्वालिटी गवर्नमेंट’ द्वारा किया गया. लोग सिर्फ ईरान युद्ध के खिलाफ नहीं थे, बल्कि उनकी अन्य शिकायतें भी थीं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार द्वारा हारेदी समुदाय को सैन्य सेवा से छूट देने के फैसले और 7 अक्टूबर 2023 के हमलों की जांच के लिए सरकारी आयोग न बनाने पर गुस्सा जताया. साथ ही, वेस्ट बैंक में हो रही हिंसा को लेकर भी सवाल उठाए गए.
नेताओं और पूर्व मंत्रियों ने क्या कहा?
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री इज़हार शे ने सरकार की कड़ी आलोचना की और सुरक्षा विफलताओं की सच्चाई सामने लाने की बात कही. वहीं, पूर्व मंत्री ओर्ना बारबिवई ने आरोप लगाया कि सरकार सेना में सेवा देने वालों के बजाय अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स हितों को ज़्यादा महत्व दे रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लेबनान युद्धविराम के दबाव में झुकने का भी आरोप लगाया.
सरकार का रुख और ताजा स्थिति क्या है?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही साफ कर दिया था कि ईरान के आतंकी शासन पर हमले जारी रहेंगे. उन्होंने ईरान के पेट्रोकेमिकल और स्टील केंद्रों को निशाना बनाने की बात कही थी. ताजा जानकारी के मुताबिक, 3 मई 2026 को एक सुरक्षा कैबिनेट बैठक होने वाली है. दूसरी तरफ, लेबनान में इसराइली हमलों में 24 घंटे के भीतर 41 लोगों की मौत हुई है, जबकि ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका को एक योजना भेजी है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
तेल अवीव में प्रदर्शन कब और कहाँ हुआ?
यह प्रदर्शन शनिवार, 2 मई 2026 को तेल अवीव के हबीमा स्क्वायर पर हुआ, जहाँ सैकड़ों लोगों ने ईरान युद्ध का विरोध किया.
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या थीं?
लोग ईरान युद्ध को रोकने, 7 अक्टूबर की विफलताओं की जांच करने और हारेदी समुदाय को सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट को खत्म करने की मांग कर रहे थे.