Mount Lebanon के Saadiyat और Al Jiya शहरों में इसराइल ने अचानक हमले किए। इन हमलों में दो गाड़ियों को निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।
इसराइल के हमले और अब तक का नुकसान क्या है?
15 अप्रैल 2026 को Al Jazeera English की रिपोर्ट के मुताबिक, Mount Lebanon के Saadiyat और Al Jiya में इसराइली सेना ने दो गाड़ियों पर हमला किया। वहीं Washington Post की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे संघर्ष में अब तक लेबनान में 2,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 168 बच्चे भी शामिल हैं।
लेबनान और इसराइल के बड़े नेताओं ने क्या कहा?
- लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun: उन्होंने साफ किया कि तबाही मचाने से समस्या हल नहीं होगी और बातचीत ही विवाद सुलझाने का सही तरीका है।
- विदेश मंत्री Youssef Raggi: उन्होंने इसराइल से हमले तुरंत रोकने और अपनी सेना को वापस बुलाने की मांग की।
- इसराइली सेना: उनका कहना है कि उनके हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों के हिसाब से किए गए।
दुनिया और मानवाधिकार संस्थाओं की क्या राय है?
Human Rights Watch ने चिंता जताई है कि दक्षिण लेबनान में लोगों को जबरन हटाने और घरों को तोड़ने की कोशिशें युद्ध अपराध (war crimes) हो सकती हैं। वहीं, अमेरिका के Secretary of State Marco Rubio की मदद से लेबनान और इसराइल के बीच वाशिंगटन में सीधी बातचीत हुई, लेकिन Hezbollah ने इस बातचीत का समर्थन नहीं किया।
