West Bank के कई इलाकों में सोमवार रात इसराइली सेना ने बड़ी कार्रवाई की है। फिलिस्तीनी न्यूज एजेंसी Wafa के मुताबिक, सेना ने रामल्लाह और उसके आसपास के कई गांवों में घुसकर घरों की तलाशी ली। इस बीच क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

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West Bank में कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी और क्या है ताजा स्थिति

4 मई 2026 की रात को इसराइली बलों ने रामल्लाह गवर्नरेट के कई गांवों में छापेमारी की। इस कार्रवाई में मुख्य रूप से Shukba, Qibya, Budrus, Nalin और सूरदा शहर शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, इन छापेमारी के दौरान किसी के घायल होने या गिरफ्तारी की खबर नहीं मिली है। इसी दिन Tulkarm शरणार्थी शिविर में भी सैन्य गतिविधियां बढ़ाई गईं, जहाँ सड़कों को बंद कर दिया गया और भारी संख्या में पैदल सेना और सैन्य वाहनों को तैनात किया गया।

नाबलुस हिंसा में एक की मौत और अन्य घायल

इस घटना से ठीक पहले 3 मई 2026 को नाबलुस शहर में एक सैन्य छापे के दौरान गंभीर हिंसा हुई। इस दौरान 26 साल के Naif Firas Ziyad Samro की मौत हो गई। साथ ही एक 12 साल के बच्चे समेत चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस मामले पर इसराइली सेना ने बयान दिया कि सैनिकों पर पथराव किया गया था, जिसके जवाब में गोलीबारी हुई और कई लोग निशाने पर आए।

अल-अक्सा मस्जिद और सैन्य नियमों को लेकर चेतावनी

यरूशलम गवर्नरेट ने 15 मई 2026 को अल-अक्सा मस्जिद परिसर में कुछ इसराइली राजनीतिक हस्तियों और संगठनों के घुसने की योजना के खिलाफ चेतावनी जारी की है। वहीं, Wafa न्यूज एजेंसी का कहना है कि इसराइली सेना वेस्ट बैंक में लगभग हर दिन बिना किसी सर्च वारंट के छापेमारी करती है। सैन्य कानून के तहत यहाँ रहने वाले 30 लाख फिलिस्तीनियों पर सेना कमांडरों का पूरा अधिकार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

नाबलुस में हुई हिंसा में कितने लोग प्रभावित हुए

3 मई को नाबलुस में हुए सैन्य छापे में 26 वर्षीय नायेफ फिरास ज़ियाद सामरो की मौत हुई और एक 12 साल के बच्चे सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

वेस्ट बैंक में इसराइली सेना की छापेमारी का आधार क्या है

Wafa न्यूज एजेंसी के अनुसार, इसराइली सेना ‘वांछित’ फिलिस्तीनियों की तलाश के बहाने बिना वारंट के छापे मारती है, क्योंकि सैन्य कानून उन्हें यहाँ पूर्ण कार्यकारी और न्यायिक अधिकार देता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.