इसराइल ने फिलीस्तीनी कैदियों को रखने वाली जेलों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और विवादित निर्णय लिया है। Environmental Protection Minister Idit Silman ने बुधवार, 16 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश के जरिए नील नदी के मगरमच्छों की श्रेणी को ‘संरक्षित वन्यजीव’ से बदलकर ‘विशेष रूप से प्रबंधित वन्यजीव’ कर दिया गया है।

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जेलों की सुरक्षा के लिए नई योजना

इस बदलाव का सीधा मतलब है कि अब Israel Prison Service (IPS) जैसे सरकारी विभाग सुरक्षा के नाम पर मगरमच्छों को अपने पास रख सकेंगे। इस विचार को National Security Minister Itamar Ben Gvir ने करीब छह महीने पहले पेश किया था। अधिकारियों के अनुसार, यह योजना अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित ‘एलीगेटर अलकाट्राज’ इमिग्रेशन सेंटर से प्रेरित है। फिलहाल दक्षिण इसराइल की Ketziot Prison को इस प्रयोग के लिए पायलट लोकेशन के तौर पर चुना गया है।

बढ़ रहा है भारी विरोध

इस फैसले के बाद से चौतरफा आलोचना शुरू हो गई है। Israel Nature and Parks Authority (INPA) और पर्यावरण मंत्रालय के कानूनी सलाहकारों ने इसे पेशेवर आधार की कमी बताया है और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के खिलाफ माना है। मानवाधिकार संगठनों ने भी इसकी तीखी निंदा की है। Palestinian Prisoners’ Society (PPS) के Abdullah Al-Zaghari ने इसे बदले की भावना और मानसिक प्रताड़ना की नीति बताया है। वहीं, B’Tselem की प्रमुख Orly Noy ने इस कदम को बेहद क्रूर और अमानवीय करार दिया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.