इसराइल और लेबनान के बीच तनाव अब अमेरिका तक पहुँच गया है। इसराइल के राजदूत Yechiel Leiter ने साफ कर दिया है कि Hezbollah के साथ कोई युद्धविराम नहीं होगा। हालांकि, दोनों देशों के बीच शांति के लिए बातचीत शुरू होने वाली है, जिसके लिए वाशिंगटन में मीटिंग तय हुई है।

शांति वार्ता और मीटिंग की क्या है तैयारी?

इसराइल और लेबनान के बीच शांति के लिए पहली औपचारिक मीटिंग मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट में होगी। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस बातचीत की अनुमति दी है ताकि Hezbollah को निशस्त्र किया जा सके और दोनों देशों के बीच एक पूरा शांति समझौता हो सके। इस मीटिंग की तैयारी के लिए 10 अप्रैल को राजदूतों के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी।

लेबनान में अभी क्या हालात हैं?

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun और अन्य अधिकारी चाहते हैं कि बातचीत से पहले या बातचीत के दौरान युद्धविराम लागू हो। लेकिन इसराइल का कहना है कि जब तक सुरक्षा नहीं मिल जाती, हमले जारी रहेंगे। हाल ही में हुए हमलों का ब्योरा नीचे दिया गया है:

तारीख घटना असर
10 अप्रैल 2026 इसराइल का हमला लेबनान के स्टेट सिक्योरिटी के 13 जवान मारे गए
10 अप्रैल 2026 Hezbollah का हमला Ashdod नेवल बेस और उत्तरी इसराइल को निशाना बनाया

अमेरिका और ईरान का क्या रोल है?

अमेरिका इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अमेरिका और इसराइल दोनों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जो हालिया युद्धविराम हुआ है, उसका असर लेबनान पर नहीं पड़ेगा। Hezbollah के प्रमुख Naim Qassem ने अपनी सरकार को सलाह दी है कि वे इसराइल को बिना किसी फायदे के रियायतें न दें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.